आठ साल में जनसुनवाई के तहत 5.5 करोड़ मामलों का हुआ निस्तारण

-आईजीआरएस के तहत प्रतिमाह दर्ज होते हैं लगभग छह लाख मामले
लखनऊ, 24 मार्च (हि.स.)। यूपी सरकार ने वर्ष 2017 से ही जन समस्याओं की त्वरित सुनवाई और प्रभावी निस्तारण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया है। इसी का परिणाम है कि मुख्यमंत्री योगी के आठ वर्षों के शासन काल में 5.5 करोड़ से अधिक जन सुनवाई का समयबद्ध निस्तारण किया गया। आईजीआरएस के माध्यम से प्रतिमाह लगभग छह लाख से अधिक मामले रजिस्टर होते हैं, जिनमें से 98 फीसदी मामलों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जा चुका है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने शपथ ग्रहण के साथ ही आम जन की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी थी। मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से अपने आवास पर जनता दर्शन के माध्यम से जनसुनवाई का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करते हैं। साथ ही आईजीआरएस और जनसुनवाई समाधान एप के माध्यम से आठ वर्षों के शासन काल में अब तक 5,57,41,208 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें से 5,52,51,899 मामलों का प्रभावी निस्तारण किया जा चुका है। योगी के मार्गदर्शन में जनसुनवाई के समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण के लिए इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम के तहत त्वरित कार्रवाई की जाती है। साथ ही जनसुनवाई समाधान एप पर प्रतिमाह लगभग छह लाख मामले दर्ज होते हैं। जिनमें से 98 फीसदी मामलों का निस्तारण किया जा चुका है।
सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक मुख्यमंत्री तक आमजन की पहुंच को सुनिश्चित करने और जन समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए वर्ष 2019 में हेल्पलाइन नंबर 1076 जारी किया गया था। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी के साथ सीधे संपर्क के लिए 9454404444 नंबर भी जारी किया गया था। इसके माध्यम से प्रदेश का आम नागरिक अपनी समस्या और सुझाव सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाते हैं। इसका परिणाम है कि मुख्यमंत्री योगी के आठ वर्षों के शासन काल में 98 प्रतिशत से अधिक जन समस्याओं का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया गया है। जो अपने आप में एक कीर्तिमान है।
हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला