ईश्वर शरण काॅलेज में ‘वैल्यू एडेड कोर्स ऑन जेंडर स्टडीज’ का उद्घाटन

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ईश्वर शरण काॅलेज में ‘वैल्यू एडेड कोर्स ऑन जेंडर स्टडीज’ का उद्घाटन


प्रयागराज, 21 मार्च (हि.स.)। ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में ‘‘वैल्यू एडेड कोर्स ऑन जेंडर स्टडीज’’ का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि प्राचार्य प्रो. आनंद शंकर सिंह ने जेंडर स्टडीज की समकालीन शिक्षा में प्रासंगिकता पर कहा कि यह विषय आलोचनात्मक चिंतन, लैंगिक समावेशन और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने में सहायक है।

शुक्रवार को महाविद्यालय के अंग्रेज़ी विभाग द्वारा आईक्यूएसी के सहयोग से यह कार्यक्रम स्मार्ट क्लास में आयोजित हुआ और इसमें लगभग 100 विद्यार्थियों ने ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आनंद शंकर सिंह ने अंग्रेज़ी विभाग और आईक्यूएसी की इस पहल की सराहना की और इस पाठ्यक्रम को विद्यार्थियों के लिए सामाजिक संरचनाओं और लैंगिक मुद्दों को समझने का एक उत्कृष्ट अवसर बताया।

गोविंद बल्लभ पंत सोशल साइंस इंस्टीट्यूट, प्रयागराज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अर्चना सिंह ने बतौर मुख्य वक्ता ‘‘जेंडर स्टडीज का परिचय’’ विषय पर व्याख्यान देते हुए जेंडर को एक सामाजिक संरचना के रूप में परिभाषित किया। इसके ऐतिहासिक विकास व सामाजिक प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को लैंगिक भूमिकाओं के आलोचनात्मक विश्लेषण और समानता व समावेशन के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का संयोजन डॉ. शाइस्ता इरशाद ने किया। उन्होंने पाठ्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। जिसमें विशेषज्ञ व्याख्यान, संवादपरक चर्चाएं और केस स्टडीज शामिल हैं, जो विद्यार्थियों को लैंगिक मुद्दों की गहरी समझ विकसित करने में सहायक होंगी। अंग्रेज़ी विभाग की संयोजक प्रो. अनुजा सलूजा ने कहा कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को लैंगिक प्रतिनिधित्व और उसके सामाजिक प्रभावों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा। प्रशिक्षण एव ंप्लेसमेंट सेल तथा भाषा केंद्र की संयोजक प्रो.रचना सिंह ने शैक्षणिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में लैंगिक संवेदनशीलता की अनिवार्यता पर जोर दिया।

महाविद्यालय के प्रो. मनोज कुमार दुबे ने बताया कि कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षकगण, शोधार्थी और विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित रहे। कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए ऑफलाइन उपस्थिति अनिवार्य थी, जबकि अन्य प्रतिभागियों ने गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन भाग लिया। अंत में एक संवादपरक प्रश्नोत्तर सत्र किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने लैंगिक प्रतिनिधित्व, समानता और अंतर्संबंधों पर विचार-विमर्श किया। इसके पश्चात प्रो. अनुजा सलूजा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

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