समान नागरिक संहिता लागू कर सीएम धामी ने बढ़ाया राज्य का गौरव : रविन्द्र पुरी
हरिद्वार, 25 मार्च (हि.स.)। एसएमजेएन पीजी कॉलेज में मंगलवार को कॉलेज के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ, हरिद्वार नागरिक मंच तथा यूको बैंक के संयुक्त तत्वाधान में समान नागरिक संहिता उत्तराखंड राज्य विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए अधिकारियों, अतिथियों, छात्र-छात्राओं, कॉलेज के शिक्षकों तथा कर्मचारियों ने उत्साह पूर्वक प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर अपने शुभकामना संदेश में श्रीमहंत रविन्द्र ने कहा कि समान नागरिक संहिता की मांग देश भर में वर्षों से उठ रही थी। इस मांग को पूरा करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू कर उत्तराखंड के गौरव को बढ़ाया हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो सुनील बत्रा ने कार्यक्रम के विषय में अवगत कराते हुए कहा कि वास्तव में समान नागरिक संहिता देश को भविष्योन्मुखी बनाने के लिए एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि लिव इन रिलेशनशिप पर भी अब कानून का शिकंजा कसेगा।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सिविल जज (सीनियर डिवीजन) श्रीमती सिमरनजीत कौर ने कहा कि विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव इन रिलेशनशिप को संजोए समान नागरिक संहिता को लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य हैं जो कि इस कानून के माध्यम से महिलाओं को भी समान अधिकार प्रदान कर रहा है। विशेष वक्ता के रूप में रमन सैनी एडवोकेट जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार ने कहा कि संविधान एक जीवित दस्तावेज है जो कि समय की मांग के अनुसार अपने आप को समायोजित करता रहता है। इसी आलोक में समान नागरिक संहिता हमारे संविधान को और अधिक सुदृद्ध करने का एक अनूठा प्रयास है।
इस अवसर पर हरिद्वार नागरिक मंच के संस्थापक अध्यक्ष सतीश जैन, प्रसिद्ध समाजसेवी जगदीश लाल पाहवा आदि ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में महाविद्यालय के नोडल अधिकारी डॉ पल्लवी, यादविंदर सिंह, विनीत सक्सेना तथा डॉ पूर्णिमा सुंदरियाल का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर डा शिवकुमार चौहान, डा मनोज सोही, वैभव बत्रा, दिव्यांश शर्मा, हरीश चंद्र, डा विनीता चौहान, रिचा मिनोचा, कविता छाबड़ा, रिंकल गोयल, डा लता शर्मा, डा आशा शर्मा, डा मोना शर्मा, डा रेनू सिंह, डा सरोज शर्मा, प्रिंस श्रोत्रिय, डा पुनीता शर्मा आदि उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला