(अपडेट) व्यापार में कमिटमेंट का है सर्वाधिक महत्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

- मुख्यमंत्री ने 1127 करोड़ की लागत की औद्योगिक इकाइयों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन, इनसे 5046 युवाओं को मिलेगा रोजगार
भोपाल, 25 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि व्यापार वचन से होता है, व्यापार में वचन का ही सर्वाधिक महत्व है। मध्य प्रदेश सरकार औद्योगिकरण और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए दिए गए वचनों को पूरा करने संपूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार शाम को को विक्रम व्यापार मेला उज्जैन में आयोजित औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर 1127.24 करोड़ रुपये के निवेश से 26 विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से प्रदेश की 73 औद्योगिक इकाइयों को 441 करोड़ की निवेश प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की।
उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से देश और प्रदेश में समृद्धि बरस रही है। सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली नगरी उज्जयिनी में पहली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हुआ था। इसके बाद क्रमवार संभागीय मुख्यालयों पर सात रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इन आरआईसी में प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन 'विकसित भारत' को साकार करने प्रदेश में 1127.24 करोड़ रुपये के निवेश से 26 विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कर विकास का एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। यह परियोजनाएं उज्जैन को एक नया औद्योगिक आयाम देंगी, जिससे क्षेत्र का औद्योगिक और आर्थिक विकास होगा। इन इकाइयों से हमारे लगभग 5046 युवाओं को रोजगार प्राप्त हो सकेगा। स्वच्छ भारत की परिकल्पना को समाहित कर प्रदेश में स्थित भारत के सबसे स्वच्छ औद्योगिक पार्क विक्रम उद्योगपुरी में 28 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित अत्याधुनिक सामान्य अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (सीईटीपी) का लोकार्पण भी किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद से प्रदेश को नंबर वन बनाएंगे। प्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष घोषित किया गया है। हमने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने का जो सपना देखा है, वो साकार हो रहा है। व्यापार को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन, इंदौर, देवास, धार, शाजापुर जिलों को मिलाकर एक नए मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने की कार्य योजना पर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन और विदिशा को भी मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाया जाएगा। जबलपुर, ग्वालियर और उनके आस-पास के जिलों का भी विकास मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में भविष्य में किया जाएगा। इससे व्यापार और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में विक्रमोत्सव-2025 का आयोजन भी किया जा रहा है। विक्रम व्यापार मेले में भी व्यापार व्यापक स्तर पर हो रहा है और बहुत अधिक संख्या में गाड़िया बिक रही है। अगले कुछ वर्षों में हम भव्य स्तर पर सिंहस्थ-2028 महापर्व का भी आयोजन करेंगे। आस्था का ये महाकुंभ अर्थव्यवस्था को गति देने में इतिहास लिखेगा और उज्जैन को प्रमुख वैश्विक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेगा। इस वर्ष 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया गया है। बजट में सिंहस्थ के लिए 2 हजार करोड़ से अधिक का प्रावधान किया है, जो आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करने के कार्य के लिए है। लाड़ली बहना हमारे प्रदेश का गौरव है, बजट में लाड़ली बहनों का विशेष ध्यान रखा गया है।
उन्होंने कहा कि उज्जैन में अमूल द्वारा दूध प्र-संस्करण का कारखाना भी स्थापित किया गया है। प्रदेश की सांची डेयरी को भी अमूल की तर्ज पर विकसित कर सांची को हम प्रदेश की पहचान बनाएंगे। उज्जैन में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा श्री महाकाल महालोक बनाए जाने के बाद धार्मिक पर्यटन में अत्यधिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 से अभी तक जिले में 60 करोड़ से अधिक धार्मिक पर्यटक आए है जिससे जिले में होटल व्यवसाय ने भी बहुत तरक्की की है। इस प्रकार उद्योग के साथ आध्यात्मिक विकास का भी ध्यान रखा जा रहा है।
प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 का हुआ सफल आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भोपाल में 24-25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन हुआ। जीआईएस में प्रधानमंत्री मोदी ने 18 नई औद्योगिक नीतियों की शुरूआत की। समिट के दौरान 70 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग हुई और प्रदेश को 26.61 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो 17 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देने का अवसर प्रदान करेंगे। जीआईएस में प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर लाने के लिए विगत एक माह में 19 नवीन औद्योगिक इकाइयों को 315 हैक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। प्रदेश को 9168 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हो चुका है और इससे 13 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश अब औद्योगिक दृष्टि से अग्रणी राज्य के रूप में पहचाना जा रहा है। सरकार प्रदेश का चहुमुखी विकास कर रही है। प्रदेश में गरीब युवाओं, अन्नदाताओं, नारी शक्ति और सभी के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।प्रदेश के चंबल क्षेत्र में भी औद्योगिक विकास किया जा रहा है, अब वहाँ बंदूकों की आवाज की जगह औद्योगिक मशीनों की आवाज सुनाई दे रही है। झाबुआ में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किया जा रहा है। साथ ही किसान भाइयों के लिए और दूध उत्पादन बढ़ाने विक्रम विश्वविद्यालय में प्रदेश का पहला डेयरी टेक्नोलॉजी कोर्स शुरू किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यूके, जर्मनी और जापान यात्राओं में प्रदेश को एक निवेश केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया गया। वहाँ से मिले समर्थन और निवेशकों की इच्छाओं को देखकर हमें यह विश्वास हुआ कि मध्य प्रदेश अब वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है। प्रदेश में हाल ही में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद, जो निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, वे अब धरातल पर उतरने लगे हैं। कुछ दिन पहले भिंड में औद्योगिक इकाई का भूमि-पूजन किया गया और मंगलवार को उज्जैन में 26 नई औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया जा रहा है। प्रदेश में निवेश भी आएगा, उद्योग भी लगेंगे, रोजगार सृजन कर प्रदेश के विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश प्रौद्योगिकी, नवाचार और औद्योगिक समृद्धि में नई ऊँचाइयों को छुएगा। आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित भारत बनाने में मध्य प्रदेश बड़ी भूमिका निभाएगा। उद्योगपतियों ने भी आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश बनाने की दिशा में हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाया है। हम सब मिलकर मध्यप्रदेश को एक अग्रणी और समृद्ध राज्य बनाएंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर