शहीदी दिवस: शहीदों के आदर्शों से ले प्रेरणा युवा पीढ़ी:आचार्य ललित कुमार अवस्थी
मंडी, 24 मार्च (हि.स.)। सरदार पटेल विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा शहीदी दिवस के अवसर पर अमर शहीदों को नमन कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य ललित कुमार अवस्थी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति आचार्य अनुपमा सिंह ने की। वशिष्ट अतिथि के रूप में मंडी निवासी 102 वर्षीय वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी ओम चंद रहे।
मुख्यातिथि आचार्य ललित कुमार अवस्थी ने स्वतंत्रता सेनानी ओम चंद को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस उपलक्ष्य पर मुख्य अतिथि आचार्य ललित कुमार अवस्थी ने अपने संबोधन में कहा कि शहीदी दिवस हमें उन वीरों के बलिदान की याद दिलाता है जिन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर कर देश की स्वतंत्रता की रक्षा की। हमें उनके सपनों के भारत के निर्माण के लिए समर्पित होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की युवा पीढ़ी को शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए और समाज व राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से इतिहास से सीखने और देश की एकता एवं अखंडता के लिए कार्य करने का आह्वान किया व कहा कि वे अपने अध्ययन के साथ-साथ सामाजिक उत्थान में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम अध्यक्ष आचार्य अनुपमा सिंह ने शहीदों के संघर्ष और इतिहास में उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि क्रांतिकारी सरदार भगत सिंह, सुखदेव और शिवराम राजगुरु भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी थे। इन तीनों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया और स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
वशिष्ट अतिथि वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी ओम चंद ने कहा कि भारत माता के सपूत वीर क्रांतिकारी शहीद-ए-आज़म भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान दिवस पर देश उन्हें कोटि-कोटि नमन् करता है। उन्होंने कहा कि वे न केवल क्रांतिकारी थे बल्कि युवाओं के आदर्श और स्वतंत्रता संग्राम के नायक थे। उनका संघर्ष और विचारधारा आज भी प्रेरणा का स्रोत है और हमेशा बनी रहेगी। आचार्य राजेश कुमार शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए शहीदी दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम संयोजक डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करना और युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत करना था। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ने का कार्य करते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा