गोरखपुर विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने रचा इतिहास, हासिल किया भारत में पहला स्थान

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गोरखपुर विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने रचा इतिहास, हासिल किया भारत में पहला स्थान


गोरखपुर विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने रचा इतिहास, हासिल किया भारत में पहला स्थान


गोरखपुर, 30 मार्च (हि.स.)। भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद द्वारा आयोजित जूनियर रिसर्च फेलोशिप परीक्षा में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के शोधार्थियों ने टॉप कर मिसाल कायम किया है। दिलचस्प है कि पूरे देश में पहला स्थान संयुक्त रूप से प्राप्त करने वाले दोनों शोधार्थी गोरखपुर विश्वविद्यालय के हैं।

इसके साथ ही आधुनिक एवं मध्यकालीन इतिहास विभाग से प्रतिभाग करने वाले सभी शोधार्थियों ने सफलता प्राप्त की है। इस दृष्टि से आधुनिक एवं मध्यकालीन इतिहास विभाग में 100 फ़ीसदी परिणाम हासिल किया है।

शोधार्थी अभिषेक मिश्र और आदर्श पाठक ने देश भर में संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। इस परीक्षा में इतिहास में अनुसन्धान कर रहे छात्र सम्मिलित होते हैं। दो चरणों में सम्पन्न होने वाली इस परीक्षा में सर्वप्रथम लिखित परीक्षा का आयोजन भारत के चार शहरों दिल्ली, पुणे, गुवाहाटी तथा बेंगलुरु में हुआ। लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का साक्षात्कार भारतीय इतिहास अनुसन्धान परिषद् के मुख्यालय दिल्ली में होता है।

मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग से कुल पांच अभ्यर्थियों अभिषेक मिश्र, आदर्श पाठक, दिलीप गौतम, अभिषेक कुमार यादव, कुमारी अमृता सिंह का चयन हुआ है।

विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर मनोज कुमार तिवारी ने सभी चयनित शोधर्थियों को बधाई दिया। उन्होंने बताया कि यह इतिहास विभाग के लिए हर्ष का विषय है। इस उपलब्धि पर वरिष्ठ प्रोफेसर हिमांशु चतुर्वेदी, प्रोफेसर निधि चतुर्वेदी, डॉ आशीष कुमार सिंह, डॉ श्वेता, डॉ सुनीता आदि ने प्रसन्नता व्यक्त किया।

कला संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर राजवंत राव ने इसे गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने बताया कि हमारे प्रयासों की सार्थकता विद्यार्थियों के परिणाम में नजर आती है.। अब तक कुल 8 शोधार्थियों का आई सी एच आर में चयन की सूचना प्राप्त हुई है। सभी चयनित शोधार्थी बधाई के पात्र हैं। देश में पहला स्थान हासिल करने वाले शोधार्थियों के के गोरखपुर विश्वविद्यालय के कला संकाय से संबंधित होने पर गर्व होना स्वाभाविक है।

कुलपति प्रो.पूनम टंडन ने बधाई देते हुए कहा कि पूरे देश में पहला स्थान हासिल करना बड़ी बात है। ऐसी उपलब्धियां हमारी क्षमता को स्पष्ट करती हैं। गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए यह गर्व का क्षण है। ऐसे विद्यार्थी हमारे वास्तविक ब्रांड एंबेसडर हैं। अनुसंधान की दशा एवं दिशा को लेकर गोरखपुर विश्वविद्यालय निरंतर चिंतनशील बना हुआ है। हम अपने विश्वविद्यालय को एक मानक शोध केंद्र के रूप में विकसित करने के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। इस दिशा में शोधार्थियों की तरफ से मिलने वाले सार्थक परिणाम उत्साह जनक हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

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