पीएमएवाई के तहत तीन लाख से अधिक पक्के घरों का निर्माण किया गया है - जाविद अहमद डार

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पीएमएवाई के तहत तीन लाख से अधिक पक्के घरों का निर्माण किया गया है - जाविद अहमद डार


जम्मू, 24 मार्च (हि.स.)। ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री जाविद अहमद डार ने सोमवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत तीन लाख से अधिक पक्के घरों का निर्माण किया गया है।

विधानसभा में भाजपा के बलवंत सिंह मनकोटिया के एक तरांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि योजना के तहत सभी पात्र बचे हुए घरों को कवर करने के लिए एक नया सर्वेक्षण प्रगति पर है। मंत्री ने कहा कि केंद्र प्रायोजित पीएमएवाई-जी योजना के तहत 18 मार्च, 2025 तक कुल 3,04,544 घर - जम्मू में 2,60,124 और कश्मीर में 44,420 पूरे हो गए थे जबकि जम्मू में 2,86,057 घर और घाटी में 48,806 घर स्वीकृत किए गए थे। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक घर राजौरी जिले (55,829) में पूरे हुए, इसके बाद 46,752 (पुंछ), 31,714 (रामबन), 28,097 (डोडा), 26,449 (रियासी), 21,143 (उधमपुर), 21,061 (कठुआ), 14,442 (किश्तवाड़), 12,285 (जम्मू), 2,352 (सांबा) शामिल हैं।

कश्मीर में अनंतनाग जिले में सबसे अधिक (9,999) घर बने हैं, उसके बाद 9,775 (कुपवाड़ा), 5,534 (बारामुल्ला), 5,238 (कुलगाम), 3,852 (बांदीपोरा), 2,918 (गंदरबल), 2,479 (पुलवामा), 2,398 (शोपियां), 2,164 (बडगाम) और 63 (श्रीनगर) हैं। कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज लोन के संबंधित अतारांकित प्रश्न में मंत्री ने कहा कि भूमिहीन पीएमएवाई (जी) लाभार्थियों के मामले में जो आवास सहायता के लिए पात्र हैं, भूमिहीनों को सुविधा का लाभ उठाने में होने वाली कठिनाइयों को कम करने के लिए पांच मरला राज्य भूमि आवंटित की जा रही है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक खुर्शीद अहमद के अतारांकित प्रश्न के एक अलग लिखित उत्तर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पिछले दो वर्षों में जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग आग की घटनाओं में 1,288 घर जल गए। आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण विभाग के प्रभारी मंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि 2023-24 में 574 घर जलकर खाक हुए थे जबकि 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 714 हो गई। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में सबसे ज्यादा 107 घर किश्तवाड़ जिले में, 97 कुपवाड़ा, 64 कुलगाम, 61 अनंतनाग, 56 श्रीनगर, 52 बडगाम, 51 बारामुला, 47 रामबन, 36 बांदीपोरा, 20 डोडा, 21 शोपियां, 17-17 पुलवामा और उधमपुर, 16 राजौरी, 15 रियासी, 12 पुंछ, 11 गंदेरबल, सात सांबा और छह जम्मू में जलकर खाक हुए।

इसी तरह 2023-24 में सबसे ज्यादा 91 घर श्रीनगर में, 76 कुपवाड़ा, 71 अनंतनाग, 68 बारामुल्ला, 48 बांदीपोरा, 30 बडगाम, 27 रामबन, 25 कुलगाम, 21 किश्तवाड़, 20 पुलवामा, 18 पुंछ, 14-14 उधमपुर और जम्मू, 11-11 शोपियां और राजौरी, आठ गांदरबल, पांच कठुआ और दो रियासी में जले। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ मानदंडों के तहत पूरी तरह से जले हुए घरों के लिए मुआवजे के रूप में 1.30 लाख रुपये की राशि दी जाती है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

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