आईबी पर बाड़ लगाने से प्रभावित होने वाले किसानों को 144 करोड़ रुपये से अधिक वितरित किए गए है- मुख्यमंत्री

जम्मू, 24 मार्च (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि सीमा पर रहने वाले लोगों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और कहा कि उनकी सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों के विधायकों की अप्रैल में एक बैठक बुलाएगी ताकि उनके सामने आने वाली समस्याओं का समाधान किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर बाड़ लगाने से प्रभावित होने वाले किसानों को 144 करोड़ रुपये से अधिक वितरित किए गए हैं।
सीमा पर रहने वाले लोगों द्वारा उठाई गई चिंताओं के बारे में विभिन्न दलों का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न विधायकों के पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए अब्दुल्ला ने सदन को बताया यह एक मानवीय मुद्दा है। सीमा पर रहने वाले लोगों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अप्रैल में सत्र के समापन के बाद सभी सीमावर्ती क्षेत्र के विधायकों के साथ एक बैठक आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मैं सीमावर्ती क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी विधायकों और अधिकारियों के साथ बैठक करूंगा। सरकार जो भी आवश्यक कदम उठाएगी वह उठाएगी। विजय कुमार, सुरजीत सिंह सलाथिया, देविंदर कुमार मन्याल और सीपीआईएम सदस्य एम वाई तारिगामी सहित कई भाजपा सदस्यों ने भूमि मुआवजे बाड़ लगाने से पहले स्थानीय लोगों द्वारा कृषि गतिविधियों और सीमावर्ती बस्तियों की खराब स्थिति से संबंधित मुद्दे उठाए।
तारिगामी और भाजपा विधायक बलवंत मनोकिता के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई जिन्होंने आरोप लगाया कि सदस्य के निर्वाचन क्षेत्र में कोई सीमा क्षेत्र नहीं है जो जम्मू के सीमावर्ती क्षेत्रों के बारे में सवाल पूछ रहे हैं। तारिगामी ने उनका जवाब देते हुए कहा कि वह किसी भी क्षेत्र के बारे में सवाल उठा सकते हैं और जम्मू केवल उनका नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुआवजे के रूप में 155.08 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जिसमें से 144.12 करोड़ रुपये पहले ही भूमि मालिकों को वितरित किए जा चुके हैं शेष राशि शीर्षक सत्यापन के लिए लंबित है। उन्होंने आश्वासन दिया कि हमारे पास फंड नहीं है। वितरण प्रक्रिया में 11 करोड़ रुपये खर्च नहीं किए गए हैं। हम विभाग को फास्ट ट्रैक पर वितरण प्रयासों में तेजी लाने का निर्देश देंगे। उन्होंने कहा कि सीमा मुद्दा सिर्फ एक विधायक की चिंता नहीं है बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की व्यापक चिंता है चाहे वह जम्मू में हो या कश्मीर घाटी में।
इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान हीरानगर के विधायक विजय कुमार के एक सवाल का जवाब देते हुए राजस्व मंत्री सकीना इटू ने बताया कि बीएसएफ ने भारत-पाक सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जम्मू संभाग के जम्मू सांबा और कठुआ जिलों के 113 गांवों में 13,415 कनाल जमीन का अधिग्रहण किया है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ ने इन सीमावर्ती जिलों में 135 फीट चौड़ी पट्टी पर बाड़ लगाई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता