यमुनानगर: आशा वर्कर्स ने जिला सचिवालय पर किया धरना प्रदर्शन

यमुनानगर, 24 मार्च (हि.स.)। आशा वर्कर्स एंड फैसिलिटेटर फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के बैनर तले बड़ी संख्या में आशा वर्करों ने लघु सचिवालय के सामने इकट्ठा होकर अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया और जिला उपायुक्त के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री भारत सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
आशा वर्कर जिला सचिव राजेश कुमारी ने बताया कि अपनी पुरानी और नई मांगों को लेकर साेमवार काे स्वास्थ्य मंत्री भारत सरकार के नाम जिला उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया है। जिसमें मुख्य मांगें-एनएचएम को एक स्थायी स्वास्थ्य कार्यक्रम बनाकर, आशा कार्यकर्ताओं और सुविधा प्रदाताओं को 45वें व 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफ़ारिश को लागू करते हुए वर्कर्स का दर्जा दिया जाए। पूरे देश में एक समान जैसी कार्य परिस्थितियों को लागू किया जाए। छह मास का सवेतन मातृत्व अवकाश, 20 दिन का आकस्मिक अवकाश व चिकित्सा अवकाश सुनिश्चित किया जाए। पेंशन तक कोई सेवानिवृति ना किया जाए। आशा कार्यकर्ताओं को वरिष्ठता के आधार पर अन्य पदों पर पदोन्नति सुनिश्चित की जाए।
सभी पीएचसी, सीएचसी और अस्पतालों में आशा विश्राम कक्ष बनाए जाए। आशा कार्यकर्ताओं को स्कूटी दी जाए व ड्यूटी के लिए यात्रा खर्च भी दिया जाए। डिजिटलकरण के लिए उच्च कोटि के टैबलेट्स, डाटा पैक, नेटवर्क व प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाए । सभी तरह के ऑनलाइन कार्यों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त भत्ता दिया जाए। सरकारी स्वास्थ्य ढांचे और अस्पतालों सहित अन्य बुनियादी सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाई जाए और सरकारी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जाए। आशा वर्कर्स को पक्का कर्मचारी बनाया जाए। आचार श्रम संहिताओं को रद्द किया जाए, आशाओं और सुविधाकर्ताओं को श्रम कानून के दायरे में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि अब नई सरकार का गठन हो गया है और हमारी मांगों का सरकार जल्द समाधान करें।
हिन्दुस्थान समाचार / अवतार सिंह चुग