जागरूकता से हो सकती है टीवी की बीमारी खत्म: सिविल सर्जन

रामगढ़, 24 मार्च (हि.स.)। विश्व यक्ष्मा दिवस पर रामगढ़ सदर अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉक्टर महालक्ष्मी प्रसाद ने कहा कि जागरूकता से ही टीबी की बीमारी का खात्मा हो सकता है। सिविल सर्जन ने बताया गया कि टीबी बीमारी क्या है, कैसे फैलता है। इसका ईलाज और रोकथाम के लिए विस्तृत जानकारी देते हुए एक वर्ष में उपलब्धियों के बारे में बताया गया। सिविल सर्जन ने बताया कि पिछले वर्ष में कुल-26009 सम्भावित व्यक्तियों की बलगम जांच की गई। इसमें कुल 1429 टीबी के मरीज पाए गए। इसके अतिरिक्त कुल-21 एमडीआर मरीज पाये गये। साथ ही उन्होने यह भी बताया कि पिछले वर्ष में पंजीकृत मरीजों में 98.5 प्रतिशत सफल उपचार रहा।
सिविल सर्जन ने बताया कि 100 दिवसीय निक्षय शिविर के तहत कुल 73051 अति उच्च जोखिम वालें व्यक्तियों को चिन्हित किया गया। इसमें कुल 62056 लोगों का स्क्रीनिंग किया गया। इसमें कुल 11297 लोगों का एक्स-रे किया गया। साथ ही साथ कुल-6229 एनएएटी टेस्ट किया गया। इसमें कुल 240 टीबी बीमारी से संक्रमित पाये गये उनका ईलाज भी प्रारंभ कर दिया गया।
इस दौरान सिविल सर्जन ने बताया कि राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मुलन कार्यक्रम के तहत रामगढ़ जिलान्तर्गत कुल 14 पंचायत टीबी मुक्त घोषित किया गया। इसमें प्रखंड पतरातु-एक, रामगढ़-तीन, दुलमी-दाे, चितरपुर-एक, गोला-चार और मांडू तीन पंचायत है। सिविल सर्जन ने राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मुलन अभियान और 100 दिवसीय निक्षय शिविर के तहत उत्कृष्ट और बेहतर कार्य तथा सरहानीय योगदान के लिए बेहतर कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, उपाधीक्षक, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश