जुम्मे की नमाज के दौरान काली पट्टी बांधकर वक्फ संशोधन बिल का किया विरोध

अकीदत के साथ अलविदा रमजान का आखरी जुम्मा की नमाज अदा की गई
गुमला,28 मार्च (हि.स.)। गुमला जिला के विभिन्न मस्जिदों में पुरी अकीदत के साथ अलविदा रमजान की आखिरी जुम्मा की नमाज अदा की गई। हजारों की संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने नमाज अदा की। आखिरी जुम्मा इसके बाद सीधे ईद की नमाज़ होगी।
इधर अंजुमन इस्लामिया गुमला के अगुवाई में जुम्मा नमाज के दौरान हजारों की तादाद में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने नमाज अदा करने के बाद हाथ में काली पट्टी बांध कर वक्फ संशोधन बिल को लेकर केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध जताया।
अंजुमन इस्लामिया के सदर मुशाहिद आजमी ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल एक गहरी साजिश है। इसका साफ उद्देश्य यह है कि मुसलमानों को उनकी मस्जिदों, ईदगाहों, मदरसों, दरगाहों, कब्रिस्तानों और अन्य धार्मिक सामाजिक संस्थानों से बेदखल कर दिया जाए। अगर यह बिल पारित हो गया तो सैकड़ों मस्जिदें, ईदगाहें, मदरसे, कब्रिस्तान और अन्य संस्थाएं हमारे हाथ से निकल जाएगी। हर मुसलमान की यह जिम्मेदारी है कि वह इस बिल का पुरजोर विरोध करें।
उन्होंने कहा कि जैसे ही दार ए शरिया,ऐमारत ए शरिया बिल के खिलाफ कोई फैसला लेती है तो फिर हम सब भी उस पर विचार कर फैसले की प्रति जो सबका निर्णय होगा वह किया जाएगा। जामा मस्जिद में इमाम जनाब ऐनाम रब्बानी ने नमाज के बाद अमन और शांति के लिए विशेष दुआ किया। गुमला शहर में लगभग 12 मस्जिदों में नमाज अदा की गई। अंजुमन के सेक्रेटरी मकसूद आलम और प्रवक्ता आशिक अंसारी ने मुस्लिम समाज से अपील किया है कि आप सब पवित्र महीने में गरीब यतीम और जरूरतमंद को दिल खोलकर मदद करें ताकि ईद की खुशी में उन्हें भी खुशी मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / हरि ॐ सुधांशु सुधांशु