अस्सी घाट पर धुरंधर हास्य महोत्सव में गूंजा ठहाकों का रंग, ‘नीला ड्रम’ बना चर्चा का विषय, रेट और सीमेंट से हुआ हवन

महोत्सव की परंपरा के अनुरूप, इस बार भी आयोजन को रोचक बनाने के लिए अनूठी रस्में निभाई गईं। नीले ड्रम का कुंड बनाकर रेत और सीमेंट से हवन किया गया, जबकि मंच पर दोनों हाथों में चाकू लिए एक कलाकार ने पत्नी चालीसा का पाठ किया और उपस्थित लोगों ने पत्नी आरती का सामूहिक गान कर माहौल को और मजेदार बना दिया। सह संयोजक एडवोकेट रुद्रनाथ त्रिपाठी ने अपने हास्य व्यंग्य से सभी को खूब गुदगुदाया।
देशभर के हास्य कवियों का शानदार प्रदर्शन
महोत्सव में देशभर के नामचीन हास्य कवियों ने अपने चुटीले अंदाज से दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया। जजर इलाहाबादी (प्रयागराज), वंशीधर मिश्र (छत्तीसगढ़), कुमार ब्रजेन्द्र (झारखंड), रामकिशोर तिवारी (बाराबंकी), आनंद श्रीवास्तव (प्रयागराज) जैसे कई दिग्गज कवियों ने अपनी प्रस्तुति दी। इसके अलावा, स्थानीय कवियों में बदरी विशाल, सूर्यप्रकाश मिश्र, अरविंद मिश्र, महेंद्र तिवारी 'अलंकार', डॉ. जयप्रकाश मिश्रा, चेतना तिवारी और राजलक्ष्मी जैसी कवियित्रियों ने भी हास्य रचनाओं से समां बांध दिया।
मिमिक्री और व्यंग्य ने जमाया रंग
कार्यक्रम के दौरान हास्य मिमिक्री कलाकारों ने भी अपनी कला से सभी को प्रभावित किया। हरिकेश प्रताप सिंह (मऊ) और उमेश कुमार जायसवाल (बक्सर, बिहार) ने अपनी मिमिक्री से लोगों को खूब हंसाया और गुदगुदाया। उनके द्वारा प्रस्तुत नेताओं, अभिनेताओं और आम जनजीवन की नकल को दर्शकों ने खूब सराहा।
सम्मान समारोह में हुए कई पुरस्कार प्रदान
हर साल की तरह इस बार भी हास्य और व्यंग्य क्षेत्र में योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया। इनमें पं. धर्मशील चतुर्वेदी स्मृति धुरंधर हास्य सम्मान – वंशीधर मिश्र (छत्तीसगढ़), पं. हरिराम द्विवेदी स्मृति लोक कवि सम्मान – बदरी विशाल, पं. चंद्रशेखर मिश्र स्मृति ओज सम्मान – रामकिशोर तिवारी, पं. श्रीकृष्ण तिवारी स्मृति गीत सम्मान – कुमार ब्रजेन्द्र (झारखंड), कौशल किशोर मिश्र स्मृति सोशल मीडिया इंटरटेनमेंट अवार्ड – डॉ. अनुराग टंडन उर्फ 'उलुआ किंग' को सम्मानित किया गया।
हास्य के साथ सामाजिक संदेश भी दिया
महोत्सव में न केवल हास्य बल्कि समाज को संदेश देने वाले व्यंग्य भी पेश किए गए। अमृतकाल में 64 करोड़ लोगों के अमृत स्नान के कारण अमृत की कमी को देखते हुए कवियों को विषपान कराकर स्नान कराने जैसी व्यंग्यात्मक प्रस्तुति ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया। डिजिटल एटीवी 1008 मोनालिसा को 'धुरंधर यान' के माध्यम से मंच पर उतारने जैसी कल्पनात्मक प्रस्तुति ने भी कार्यक्रम को विशेष बनाया।
महोत्सव में प्रतिष्ठित अतिथियों की रही उपस्थिति
इस हास्य महोत्सव की अध्यक्षता माननीय महापौर अशोक तिवारी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्रा 'दयालु' उपस्थित रहे। अंतरराष्ट्रीय घाट वॉक विश्वविद्यालय के संस्थापक विजय नाथ मिश्र और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अशोक पांडेय विशेष अतिथि रहे। इसके अलावा, कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
ठहाकों के बीच हुई विदाई
महोत्सव के अंत में हास्य कवि डॉ. नागेश 'शांडिल्य' ने शानदार संचालन किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन जनार्दन शांडिल्य ने दिया। इस अवसर पर अलख निरंजन, संदीप विद्यार्थी एडवोकेट, मदन मोहन पांडेय एडवोकेट, डॉ. सरोज पांडेय और विनय मिश्र जैसी कई प्रमुख हस्तियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।