समाज का हर वर्ग सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन के लिए दे गिलहरी की तरह योगदानः राज्यपाल

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समाज का हर वर्ग सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन के लिए दे गिलहरी की तरह योगदानः राज्यपाल


- राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यपाल, 42 साल पहले की सिकलसेल प्रभावितों की बताई करुण कहानी

इंदौर, 29 मार्च (हि.स.)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल शनिवार को महात्मा गांधी स्मृति मेडिकल कॉलेज इंदौर में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति सिकलसेल उन्मूलन के लिए अपना योगदान अवश्य दे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक सिकलसेल एनीमिया के उन्मूलन का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग आवश्यक है। मध्य प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बाद देश का तीसरा ऐसा राज्य है जहाँ सिकलसेल एनीमिया के सर्वाधिक प्रभावित मरीज़ हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता और शिक्षा के द्वारा इस बीमारी की रोकथाम संभव है।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री द्वय सावित्री ठाकुर और दुर्गादास उइके, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक राकेश शुक्ला, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया, सिकलसेल मिशन की डिप्टी डायरेक्टर मध्य प्रदेश रूही ख़ान एम वाई हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव एवं पूर्व डीन डॉ. शरद थोरा मंचासीन थे।

राज्यपाल पटेल ने अपने उद्बोधन में 42 साल पहले की पीड़ा और करुणा की कहानी बतायी। उन्होंने कहा कि जब वे गुजरात में कॉरपोरेटर थे, तब उन्होंने पहली बार सिकलसेल एनीमिया की त्रासदी को देखा था। पड़ोस के सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित एक बच्चे को वे बम्बई में डॉ. ढोलकिया के पास में इलाज के लिए ले गए थे, किन्तु उस बच्चे को बचाया नहीं जा सका था। इसी तरह उन्होंने मार्मिक ढंग से बताया कि किस तरह पड़ोस की छोटी बच्ची जो उनके गोद में खेला करती थी, इसी बीमारी की वजह से महज़ 4 दिनों में मृत्यु को प्राप्त हो गई।

राज्यपाल पटेल ने बताया कि जब वे मंत्री थे और नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उनकी सरकार के मंथन शिविर में यह मुद्दा रखा गया और तब से वे इस कार्य में लगे हुए हैं। राज्यपाल ने कहा कि जिस तरह भगवान राम के लंका जाने के दौरान राम सेतु के निर्माण में गिलहरी ने भी अपनी भूमिका निभायी थी, उसी तरह समाज का प्रत्येक व्यक्ति सिकलसेल एनीमिया के उन्मूलन में अपना योगदान दें। राज्यपाल ने उपस्थित सभी जनों को इस अवसर पर शपथ भी दिलायी। सांसद शंकर लालवानी ने इस अवसर पर अपनी सांसद निधि से एमवाय हास्पिटल की ब्लड बैंक टीम को एक वाहन सांसद निधि से दिए जाने की घोषणा की।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि हम सबकी जिम्मेदारी है कि हमारे परिवार, आस-पास और समुदाय में रोग उन्मूलन के लिए जनजागृति हो। इसके लिए जरुरी है कि रोग के जेनेटिक काउंसलिंग में समाज का हर व्यक्ति सहयोग करे। सिकल सेल रोग के उन्मूलन प्रयासों में योगदान करें। यह भी जरुरी है कि जेनेटिक कार्ड के मिलान के बाद ही विवाह करें, हर गर्भवती महिला, शिशु के स्वास्थ्य जांच के प्रति सोशल कॉन्शसनेस हो। समाज का समृद्ध वर्ग रोग उपचार और अनुसंधान प्रयासों में मदद के लिए आगे आए। जरुरतमंदों रोगियों को सामाजिक और भावनात्मक समर्थन प्रदान करें। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम सिकल सेल रोग को जड़ से मिटाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। हम ऐसे भारत का निर्माण करेंगे, जिसमें हर बच्चें को दर्द और पीड़ा से मुक्त स्वस्थ और खुशहाल जीवन का अधिकार प्राप्त हो।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया। अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि एमवाय हॉस्पिटल में ब्लड बैंक से सिकल सेल एनीमिया के रोगियों को जीवन रक्षक मदद मिल रही है। मिशन की डिप्टी डायरेक्टर रूही ख़ान ने कहा कि राज्यपाल पटेल की संवेदनशीलता के कारण मिशन मध्य प्रदेश में सफल सिद्ध हुआ है। मध्य प्रदेश में माननीय प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 1 जुलाई 2023 को यह मिशन लाँच किया गया था।

मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इस अवसर पर कहा कि मालवा के जनजातीय अंचल में सिकल सेल एनीमिया के रोगियों को एमवाय हॉस्पिटल से महत्वपूर्ण मदद मिल रही है। ये हर्ष का विषय हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शिता से सरकार इस अस्पताल का उन्नयन करेगी और इसके लिए साढ़े 700 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।

केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि सिकलसेल के लिए अधिकतम जागरूकता और शिक्षा ज़रूरी है। उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प वर्ष 2047 तक अवश्य पूरा होगा। केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने अपने संबोधन में राज्यपाल पटेल को समाज के प्रति समर्पित और संवेदनशील राज्यपाल बताया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल महोदय राजभवन तक कभी सीमित नहीं रहे, उन्होंने मध्य प्रदेश के प्रत्येक ज़िले में जाकर सिकल सेल एनीमिया के लिए जन चेतना को जागृत किया है।

राज्यपाल ने विभिन्न लैबों का निरीक्षण कर मशीनों की ली जानकारी

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने एमवाय हॉस्पिटल में सेंटर आफ कंपीटेनशी एवं ब्लड केंद्र का का शुभारंभ कर निरीक्षण किया। उन्होंने सभी मशीनों, एचबी इलेक्ट्रोफरेसिस, नेट टेस्टिंग, ब्लड रेडिएटर को समझा। रेड सेल एक्सचेंज एवं कोरियानिक विलास सेंपलिंग के बारे में चर्चा की। राज्यपाल पटेल ने एमवाय हॉस्पिटल में स्थापित केंद्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की और मार्गदर्शन दिया। उन्होंने मॉलेक्युलर लैब का भी निरीक्षण किया। अधीक्षक डॉ.अशोक यादव ने उन्हें विस्तार से जानकारी दी और बताया कि सिकल सेल एनीमिया के रोगियों के लिए उच्च गुणवत्ता के रक्त की अब कमी नहीं होगी। केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके द्वारा और अधिक उपकरण उपलब्ध कराने हेतु कहा गया।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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