साइबर क्राइम को रोकने के लिए पानीपत पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान

पानीपत, 3 अप्रैल (हि.स.)। पानीपत पुलिस ने साइबर राहगीरी कार्यक्रम के तहत सार्वजनिक स्थानों, स्कूल व कॉलेजों में विद्यार्थियों व आमजन को साइबर अपराधों की जानकारी देकर जागरूक किया। जिले में साइबर क्राइम जागरूक्ता अभियान के नोडल अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक राजबीर सिंह ने बताया कि तकनीक के इस युग में जितनी तेजी से डिजिटल लेन देन को बढ़ावा मिला है उतनी ही तेजी से ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। आज के समय में साइबर अपराध चरम पर है। स्वयं को साइबर अपराध के प्रति जागरूक कर नागरिक साइबर ठगी से बच सकते हैं।
उप पुलिस अधीक्षक राजबीर सिंह ने कहा कि अगर आपके साथ किसी भी प्रकार का साइबर अपराध हो जाता है या आप किसी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाते हैं तो बिना किसी देरी के जल्द से जल्द ’इसकी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://www.cybercrime.gov.in या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम थाना या नजदीकी थाना/चौकी में सूचना दें। 1930 पर तुरंत प्रभाव से शिकायत दे ट्रांजेक्शन फ्रीज करवाए और वित्तीय हानि से बचे।
उप पुलिस अधीक्षक राजबीर सिंह ने बताया कि नागरिकों को ठगी से बचाने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने नेशनल साइबर क्राइम रिर्पोटिंग पोर्टल तैयार किया है। जिसका एक हेल्प लाइन नंबर 1930 भी जारी किया गया है। जिस पर नागरिक साइबर क्राइम से संबंधित अपनी शिकायत दे सकते है। ऑनलाइन ठगी का शिकार हुआ व्यक्ति जैसे ही हेल्प लाइन नंबर पर शिकायत देता है फ्रॉड की जानकारी के आधार पर जिस अकाउंट में पैसा पहुचा होगा, साइबर क्राइम डेस्क द्वारा उस अकाउंट को फ्रीज करवा दिया जाएगा। ठग अकाउंट से पैसा निकाल नहीं पायेगा। साथ ही आपके एकाउंट से निकले गए पूरे रुपये आपके खाते में वापस आ जायेंगे। इस पोर्टल और हेल्प लाइन पर दी गई शिकायतों पर पोर्टल अमाउंट को फ्रीज़ करवाने के बाद शिकायत संबंधित जिला में स्थित साइबर क्राइम थाना में फारवर्ड कर देता है। ब्लॉक करवाई गई धनराशि को वापस पीड़ितों के खाते में भिजवाने की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा