गुरुग्राम: नए कानूनों के तहत छह लूट के आरोपियों को छह माह में मिली सजा
गुरुग्राम, 3 अप्रैल (हि.स.)। नए कानूनों के लागू होने से पुलिस व न्यायिक कार्यप्रणाली में तेजी आई है। अपराध करने के मात्र छह महीने के अंदर लूट, चोरी व धोखाधड़ी के आरोपियों को यहां की अदालत ने सजा सुनाई है। तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए अदालत ने गुरुवार को 10 साल की कैद व जुर्माना की सजा सुनाई है।जानकारी के अनुसार 12 अक्टूबर 2024 की रात को एक व्यक्ति ने थाना मानेसर में एक शिकायत में कहा गया था कि 11/12 अक्टूबर 2024 की रात को वह मानेसर के नजदीक हाईवे पर किसी वाहन के इंतजार में खड़ा था। तभी वहां पर एक गाड़ी आई, जिसमें तीन व्यक्ति बैठे थे। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जाना है तो गाड़ी में बैठ जाओ। वह उस गाड़ी में बैठ गया। इसके बाद कुछ दूरी पर चलने के बाद गाड़ी में बैठे लोगों ने चाकू दिखाकर उससे उसका पर्स ले लिया और फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर थाना मानेसर में केस दर्ज किया गया।
अपराध शाखा मानेसर के इंचार्ज उपनिरीक्षक ललित कुमार की टीम ने इस लूट करने की वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को 12 अक्टूबर को ही गांव शिकोहपुर जिला गुरुग्राम के पास से काबू किया था। आरोपियों की पहचान रमेश, गंगाराम उर्फ सन्नी व के. सेलवराज तीनों निवासी त्रिलोकपुरी मयूर विहार फेज-1, दिल्ली के रूप में हुई थी। आरोपियों से पुलिस पूछताछ में पता चला कि वे किसी अकेले व्यक्ति को अपना निशाना बनाते थे। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में दिल्ली एनसीआर, केएमपी एक्सप्रेस-वे, उत्तर-प्रदेश से इस तरह की करीब 50 वारदातों को अंजाम देने का खुलासा किया था। गुरुवार को एडिशनल सेशन जज संदीप चौहान की अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए फैसला सुनाया। अदालत ने तीनों दोषियों को धारा 309 (4) बीएनएस के तहत 10-10 वर्ष की कैद (कठोर कारावास) व 30-30 हजार रुपयों के जुर्माने की सजा सुनाई है। इस तरह से नए कानून लागू होने के छह महीने के भीतर आरोपियों के अपराध में अदालत ने फैसला सुनाया।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर