प्रधानमंत्री ने बनासकांठा की फैक्टरी में हुए हादसे पर दुख जताया, मुआवजा देने की घोषणा की

- मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने भी हादसे पर जताया दुख, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के बनासकांठा में एक फैक्टरी में हुए धमाके में लोगों की मौत पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये और प्रत्येक घायल को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “गुजरात के बनासकांठा में एक पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में लोगों की मौत से बहुत दुख हुआ है। अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति संवेदना। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।”
कांग्रेसाध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि बनासकांठा (गुजरात) की एक पटाखा फैक्टरी में हुआ हादसा बेहद पीड़ादायक है। अबतक 18 मज़दूरों की जान गई है और कई घायल हुए हैं। पीड़ितों के परिवारों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
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सुरक्षा के नियमों में जब ढिलाई दी जाती है तो अक्सर ऐसे हादसे होते हैं। जो भी इस चूक के लिए ज़िम्मेदार हैं, उन्हें क़ानून के तहत कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए। सरकार से आग्रह है कि पीड़ितों को त्वरित और उचित मुआवजा मुहैया कराया जाए और उनकी हर संभव मदद की जाए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने भी घटना पर दुख जताया है। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, “गुजरात के बनासकांठा में पटाखा फैक्टरी में हुए धमाके में कई मजदूरों की मौत और कइयों के घायल होने की खबर बेहद दुखद है। शोकाकुल परिवारों के प्रति मैं गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। इस हादसे की तुरंत जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अक्सर ऐसी फैक्टरियों में आग और धमाकों की घटनाएं होती हैं, और रोज़ी-रोटी कमाने निकले गरीब मजदूर अपनी जान गंवा बैठते हैं। इस तरह की दुखद घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन और ज़िम्मेदारों की स्पष्ट जवाबदेही तय होनी चाहिए।”
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार