जेल में मोबाइल और गांजा पकड़वाओ, इनाम और प्रमोशन पाओ

जयपुर, 31 मार्च (हि.स.)। सरकार ने जेलों में बढ़ती अवैध गतिविधियों और प्रतिबंधित सामानों की समस्या से निपटने के लिए नई निगरानी व्यवस्था लागू की है। जेल प्रशासन ने फैसला किया है कि गोपनीय रूप से महत्वपूर्ण सूचनाएं देने वाले प्रहरी और मुख्य प्रहरी को विशेष इनाम और प्रमोशन का लाभ दिया जाएगा। डीजी जेल गोविंंद गुप्ता ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।
गुप्ता ने आदेश में स्पष्ट किया है कि जेलों में मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामग्रियों की घुसपैठ रोकने के लिए विशेष निगरानी बढ़ाई जाएगी। प्रहरी और अन्य जेल कर्मचारी अगर अवैध गतिविधियों की सही सूचना देते हैं, और उससे प्रभावी कार्रवाई होती है, तो उन्हें प्रमोशन और अन्य विशेष लाभ दिए जाएंगे।
पिछले कुछ समय में जेलों में मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं मिलने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में सरकार अब जेल कर्मचारियों को ही निगरानी तंत्र का हिस्सा बनाकर इस समस्या से निपटने की रणनीति पर काम कर रही है। राजस्थान के जेल प्रशासन का यह फैसला जेलों में अनुशासन बनाए रखने और अपराधियों की अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा को 26 मार्च को जान से मारने की धमकी मिली थी। कॉल जयपुर पुलिस कंट्रोल रूम को किया गया था। फोन को ट्रेस करने के बाद पता चला था कि कॉल सेंट्रल जेल से की गई थी। शुक्रवार (28 मार्च) सुबह बीकानेर सेंट्रल जेल से पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी दी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत तकनीकी जांच शुरू की और मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर जेल में छापा मारा। तलाशी के दौरान वार्ड नंबर 10 की बैरक संख्या 39 में विचाराधीन बंदी आदिल के पास से मोबाइल बरामद किया गया।
जेल में कैदियों को प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने के मामले में जिला कारागार विभाग ने कड़ी कार्रवाई की। दो जेल प्रहरियों को बर्खास्त कर दिया गया और एक जेल प्रहरी को सस्पेंड कर दिया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित