प्राचीन शिला माता मंदिर में हुई घटस्थापना, दर्शन के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़

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प्राचीन शिला माता मंदिर में हुई घटस्थापना, दर्शन के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़


प्राचीन शिला माता मंदिर में हुई घटस्थापना, दर्शन के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़


प्राचीन शिला माता मंदिर में हुई घटस्थापना, दर्शन के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़


प्राचीन शिला माता मंदिर में हुई घटस्थापना, दर्शन के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़


जयपुर, 30 मार्च (हि.स.)। चैत्र नवरात्रि में रविवार को आमेर स्थित शिला माता मंदिर में सुबह 6 बजकर 27 मिनट पर घट स्थापना संपन्न हुई। जिसके पश्चात करीब 7 बजकर 35 मिनट पर भक्तों के लिए मंदिर पट खोले गए। शीला माता के दर्शनों के लिए श्रद्धालु विभिन्न जगहों से अपनी मनोकामनाएं लिए दर्शन करने को पहुंचे।पहले नवरात्रे में मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। इस मौके पर श्रद्धालु दंडवत करते हुए अपने हाथ में ध्वजा लिए माता रानी के धोक लगाते हुए उसके दरबार में पहुंचे।

मंदिर पुजारी बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि आमेर शिला माता मंदिर में रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ घट स्थापना की गई। मंदिर प्रांगण में माता रानी का विशेष श्रृंगार कर झांकी भी सजाई गई।

श्रद्धालुओं के लिए की गई छाया की व्यवस्था

नवरात्रों में शिला माता दरबार में भरने वाले मेले को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने पुलिस प्रशासन के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए श्रद्धालुओं के लिए विशेष तैयारियां की। जिससे श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। श्रद्धालुओं को धूंप में परेशान नहीं होना पड़े इसके लिए टेंट की व्यवस्था के साथ शीतल पानी की उत्तम व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं को माता रानी के दर्शन के लिए परेशान नहीं होना पड़ा,इसके लिए कैरिकेडिंग लगाकर दर्शनों के लिए कतार लगाई गई।

प्रतिदिन होगा दुर्गा सप्तमी का पाठ और हवन का आयोजन

मंदिर पुजारी बनवारी लाल शर्मा ने बताया नवरात्रों में पूर्व राजपरिवार की ओर से माता रानी को पोशाक धारण कराई जाएगी। इसी के साथ नौ दिनों तक आभूषणों का विशेष श्रृंगार कराया जाएगा। मंदिर प्रांगण में प्रत्येक नवरात्रों के दौरान 10 महाविद्याओं और 9 दुर्गाओं की प्रतिदिन पूजा-अर्चना की जाएगी। उन्होने बताया कि पहले नवरात्र को मां शैलपुत्री की पूजा की जा रही है। दूसरे नवरात्रि को ब्रह्मचारिणी माता, तीसरे नवरात्रि को चंद्रघंटा माता, चौथे नवरात्र को कुष्मांडा माता, पांचवे नवरात्रि को स्कंदमाता, छठे नवरात्र को कात्यायनी माता, सातवें नवरात्र में कालरात्रि माता, आठवें नवरात्र को महागौरी माता और नवें व आखिरी नवरात्र को सिद्धिदात्री माता की पूजा की जाएगी।

सीसीटीवी से की जा रही है निगरानी

आमेर महल अधीक्षक राकेश छोलक ने बताया कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष इंतजाम किए गए है। सुरक्षा की दृष्टि से आमेर महल में अतिरिक्त होमगार्ड तैनात किए गए है। वहीं सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। पर्यटकों के लिए टिकट बुकिंग की व्यवस्था सिंह पोल गेट पर की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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