जम्मू में हिंदू और मुस्लिमों ने मिलकर मनाई ईद, सांप्रदायिक सौहार्द पर जोर

जम्मू, 31 मार्च (हि.स.)। जम्मू में सांप्रदायिक सौहार्द का अद्भुत नजारा देखने को मिला जब हिंदू अपने मुस्लिम भाइयों के साथ ईदगाह, रेजीडेंसी रोड पर खुशी और भाईचारे के साथ ईद मनाने में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में एकता की भावना देखने को मिली जो जम्मू-कश्मीर के सांस्कृतिक ताने-बाने का प्रतीक है। मिशन स्टेटहुड जम्मू कश्मीर के अध्यक्ष सुनील डिंपल ने समारोह में भाग लिया और मुस्लिम समुदाय को ईद की बधाई दी। इस अवसर पर मुस्लिम भाइयों ने राष्ट्रीय तिरंगा भेंट कर एकता, देशभक्ति और सांप्रदायिक सौहार्द का मजबूत संदेश दिया।
डिंपल ने जम्मू-कश्मीर में शांति और समृद्धि की प्रार्थना करते हुए डोगरा राज्य और अनुच्छेद 370 की बहाली की अपनी मांग दोहराई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जम्मू-कश्मीर के लोग, चाहे वे किसी भी धर्म के हों, शांति और सद्भाव से रहना चाहते हैं। उन्होंने बाहरी ताकतों से क्षेत्र की सामान्य स्थिति को बाधित न करने का आग्रह किया।
राज्य के दर्जे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रुख की आलोचना करते हुए डिंपल ने कहा कि अनुच्छेद 370 कभी भी उग्रवाद के लिए जिम्मेदार नहीं था। उन्होंने तर्क दिया कि निरस्तीकरण के बाद उग्रवाद में वृद्धि यह दर्शाती है कि इसे हटाने से जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा के बजाय भाजपा के राजनीतिक हितों की पूर्ति हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री से राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी पर बहस करने का भी आग्रह किया और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने, नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने और ऐतिहासिक दरबार मूव को पुनर्जीवित करने के लिए विधायी कार्रवाई की मांग की।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा