ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब घर घर से उठेगा प्लास्टिक कचरा, देना होगा शुल्क


धर्मशाला, 01 अप्रैल (हि.स.)। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने मंगलवार को ग्राम पंचायत मनेड़ से विकास खंड धर्मशाला के प्लास्टिक कचरा संग्रहण एवं प्रबंधन पहल का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जनवरी/फरवरी 2025 की ग्राम सभाओं में पंचायतों में स्वच्छता शुल्क लगाने के बाद, विकास खंड धर्मशाला की सभी 27 पंचायतों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने सभी गांवों/वार्डों में प्लास्टिक कचरा संग्रहण शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एक जरूरी पहलू है, क्योंकि हर घर में प्लास्टिक सहित ठोस कचरा उत्पन्न होता है। सड़कों, नदियों या पहाड़ियों की ढलानों पर प्लास्टिक कचरे के ढेर से बचने के लिए, पंचायतों ने प्लास्टिक कचरे को समाप्त करनें के लिए हाथ मिलाया है।
उन्होंने बताया कि पंचायतों ने अपने स्तर पर कचरा प्रबंधकों के साथ एक वर्ष के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किए हैं और प्लास्टिक कचरा संग्रहण गतिविधि के लिए 15वें वित्त आयोग के अनुदान (स्वच्छता घटक निधि) को रखने का निर्णय लिया है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सभी पंचायतों में 15वें वित्त आयोग के तहत कुल 40 लाख रुपए रखे गए हैं। इसके अलावा धर्मशाला पंचायत समिति के सभी सदस्यों द्वारा 5 लाख रुपये और जिला परिषद सदस्यों द्वारा 6 लाख 50 हजार रुपये 2025-26 में प्लास्टिक कचरा संग्रहण गतिविधि के लिए 15वें वित्त आयोग के अनुदान में से रखे गए हैं।
पंचायतों से एकत्रित किया जाएगा स्वच्छता शुल्क
बकौल डीसी, पंचायतों में घरों से कचरा संग्रहण और स्वच्छता के लिए सभी पंचायतों में मासिक आधार पर स्वच्छता शुल्क के रूप में लगभग 6 लाख 20 हजार रुपये एकत्र किए जाएंगे। स्वच्छता शुल्क की राशि अलग-अलग रहेगी, जिसमें प्रत्येक घरों से आम तौर पर 50 रुपये, दुकानों से 100-250 रुपये, होटल, रेस्तरां, होम स्टे से 500 से 1000 रुपये तक शुल्क लिया जाता है, जो कचरे की मात्रा पर निर्भर करेगा।
साफ होंगे हॉटस्पॉट, स्वच्छता पर रहेगा जोर
हेमराज बैरवा ने बताया कि विकास खंड धर्मशाला की सभी 27 पंचायतों में वार्ड/गांव वार सर्वेक्षण करके विस्तृत योजना तैयार की गई है और ग्राम पंचायत रक्कड़, कनेड और पद्दर में प्लास्टिक कचरे का क्लस्टर स्तर पर प्रबंधन किया जाएगा। साथ ही इस माह स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण और 15वें वित्त आयोग के फंड के कन्वर्जेंस से पंचायतों में सभी कचरा हॉटस्पॉट को साफ करेन के पश्चात क्षेत्र की बाड़बंदी की जाएगी ताकि इन हॉटस्पॉट को पूरी तरह से हटा दिया जाए।
सीसीटीवी कैमरे होंगे स्थापित, गंदगी फैलाने वालों पर होगा जुर्माना
उपायुक्त ने बताया कि धर्मशाला विकास खंड की ग्राम पंचायतों ने फैसला लिया है कि पंचायत क्षेत्र में कचरा फैलाते हुए पकड़े जाने वाले किसी भी व्यक्ति पर एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा और अगर प्रदूषण करने वाला बार-बार पकड़ा जाता है तो राशि बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि हॉटस्पॉट के पास विभिन्न पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सतिंदर धलारिया