गुरुग्राम: सीएम का ओएसडी बनकर डीएचबीवीएन के एसडीओ को धमकाया
-कॉल करके बिजली के खंभे लगाने का काम रुकवाया
-आरोपी ने डीएचबीवीएन के एसडीओ को की थी कॉल
गुरुग्राम, 2 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री का खुद को ओएसडी बताकर एक व्यक्ति ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के एसडीओ को कॉल करके खंभे लगाने का काम रुकवा दिया। आरोपी के मोबाइल नंबर पर को जब ट्रू कॉलर पर सर्च किया गया तो वीरेंद्र सीएम हाउस लिखा नजर आया। एसडीओ ने बुधवार को बताया कि कॉल करके दबाव बनाने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। बता दें कि वीरेंद्र बडख़ालसा सोनीपत के रहने वाले हैं। वे सीएम के दूसरी बार ओएसडी बने हैं। उनके नाम का ही दुरुपयोग किया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार पहली अप्रैल की सुबह करीब साढ़े 10 बजे डीएचबीवीएन के डीएलएफ सिटी सब-डिवीजन के एसडीओ सतीश चंद के मोबाइल पर एक वाट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को सीएम हाउस का ओएसडी बताया। उसने एसडीओ से कहा कि वह वीरेंद्र बोल रहा है। अरावली पहाड़ी की एक साइट पर जो खंभे लगाए गए हैं, उनको हटाया जाए। कॉल ने कहा कि वह अवैध साइट है और वहां पर खंभे ना लगाएं। एसडीओ सतीश चंद ने विभाग के उच्च अधिकारियों को इस बात की जानकारी दी। एसडीओ ने वाट्सऐप पर आई कॉल का स्क्रीन शॉट उच्चाधिकारियों को भेजा। डीएचबीवीएन के अधिकारियों ने अपने स्तर पर जांच-पड़ताल की। इस दौरान मुख्यमंत्री के ओएसडी के पीए का कॉल आया और उनकी तरफ से बताया गया कि जिस मोबाइल से आपके पास फोन आया है। वह व्यक्ति मुख्यमंत्री के ओएसडी के नाम का दुरुपयोग कर रहा है। उसके खिलाफ अपने स्तर पर उचित कार्रवाई की जाए। एसडीओ सतीश चंद के मुताबिक बिजली का खंभा लगाने का मामला बड़ा नहीं था। कोई विवाद भी नहीं था। खंभा नहीं लगाने के लिए इस तरह से फर्जीवाड़ा करके आरोपी ने सरकारी कामकाज में बाधा डाली है। सेक्टर-56 पुलिस थाना के कार्यकारी प्रभारी दिनेश ने कहा कि एसडीओ सुभाष चंद ने इस तरह के फर्जीवाड़े में शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पूरे मामले की जांच भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आरोपी को काबू कर लिया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर