Navratri Bhog: नवरात्रि के 9 दिनों मातारानी को अर्पित करें अलग-अलग प्रकार के ये भोग

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हिंदू धर्म और शास्त्रों में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इसी के साथ हिंदू नववर्ष भी प्रारंभ हो जाता है। साल में चार बार नवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है। ऐसे में इन नौ दिनों के दौरान मातारानी के भक्त देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-पाठ करते हैं। साथ ही, घट स्थापना और व्रत आदि भी किया जाता है। मान्यता के अनुसार जो भी भक्त सच्चे मन से पूरे नौ दिन माता की उपासना करता है उसकी मां हर मनोकामना पूरी करती हैं।

अधिकतर घरों में नवरात्रों में माता की चौकी अलग से सजाई जाती है। जिसपर कलस, जौ, और माता की मूर्ति या तस्वीर रखी जाती है। हर दिन सुबह-शाम मातारानी की यहां पूजा होती है और भोग भी अर्पित किया जाता है। जिस तरह हर दिन माता के अलग स्वरूप की पूजा होती है ठीक उसकी तरह हर दिन अलग प्रकार का भोग लगाने का भी विधान है। ऐसी मान्यता है कि यदि मां को हर दिन उनके प्रिय भोग अर्पित किया जाए, तो उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। आइये जान लेते हैं 9 प्रकार के विशेष भोग के बारे में जिसको आप चढ़ा सकती हैं।

1. मां शैलपुत्री को चढ़ाएं घी से बनी चीजों का भोग

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। ये हिमालय राज की पुत्री हैं और इनका वाहन वृषभ (बैल) है। मां शैलपुत्री को घी या घी से बनी चीजों का भोग लगाने की मान्यता है।

2. मां ब्रह्मचारिणी को चढ़ाएं पंचामृत का भोग

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दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की सच्चे मन से भक्त उपासना करते हैं। इनको ज्ञान, तपस्या और आत्मसंयम की देवी कहा जाता है। मां ब्रह्मचारिणी को पंचामृत का भोग लगाया जाता है।
3. मां चंद्रघंटा को चढ़ाएं खीर का भोग

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इस दिन भय और नकारात्मकता का नाश करने वाली माता चंद्रघंटा की विशेष पूजा-अर्चना होती है। इनके माथे पर अर्धचंद्र सुशोभित रहता है। मातारानी को आप तीसरे दिन दूध से बनी खीर या किसी अन्य चीज का भोग लगा सकते हैं।
4. मां कूष्माण्डा को चढ़ाएं मालपुए का भोग

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नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा के स्वरूप की पूजा होती है। माता ने अपनी दिव्य शक्ति से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी। कूष्मांडा देवी को मालपुए का भोग इस दिन अर्पित करें।
5. मां स्कंदमाता को चढ़ाएं फलों का भोग

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यह दिन माता स्कंदमाता को समर्पित होता है। पांचवे दिन देवी के इस रूप की पूजा होती है। स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं। इस दिन आप फलों का भोग लगाएं।
6. मां कात्यायनी को चढ़ाएं शहद का भोग

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नवरात्रि के छटवें दिन मां कात्यायनी के स्वरूप की भक्त पूजा करते हैं। माता सभी प्रकार की बाधाएं दूर करती हैं। छटवें दिन आप मातारानी को शहद का भोग चढ़ाएं।
7. मां कालरात्रि को चढ़ाएं गुड़ का भोग

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सातवें दिन मां कालरात्रि का दिन होता है ऐसे में इस दिन देवी के इस रूप की उपासन होती है। माता कालरात्रि को गुड़ का भोग अर्पित किया जाता है। यह मातारानी का उग्र और शक्तिशाली स्वरूप है।
8. मां महागौरी को चढ़ाएं नारियल का भोग

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नवरात्रि के आठवें दिन आप माता महागौरी को नारियल का भोग लगाएं। यह माता अत्यंत शांत और सुंदर है और भक्तों की सभी इच्छा पूरी करती हैं।
9. मां सिद्धिदात्री को चढ़ाएं हलवा, पूरी, खीर का भोग

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नवरात्रि के आखिरी दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाती है। माता सभी सिद्धियों को प्रदान करने वाली देवी हैं। इस दिन मातारानी को हलवा, पूरी, खीर का भोग चढ़ाएं।
 

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