साहित्य लेखन में लोक कल्याण का ध्यान रखना आवश्यक : रवीन्द्र शुक्ला

राष्ट्रीय पुस्तक मेला का हुआ भव्य समापन, साहित्यकार गोविंद मिश्रा ने अपने अनुभव किए साझा
झांसी, 30 मार्च (हि.स.)। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी एवं हिंदुस्तानी भाषा एकेडमी, प्रयागराज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक मेला, अखिल भारतीय लेखक शिविर, सृजनात्मक लेखन कार्यशाला एवं संगोष्ठी का आज भव्य समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व शिक्षा मंत्री रवींद्र शुक्ल ने कहा कि कोई कवि बनता नहीं है, कवि अवतरित होते हैं। कविता लिखी नहीं जाती, कविता कही जाती है। युवाओं को लेखन से पहले अध्ययन करना चाहिए। स्वाध्याय बेहद जरुरी है। उन्होंने कहा कि समाज से साहित्य निकलता है। साहित्य को लिखते समय लोक कल्याण और राष्ट्रवाद को ध्यान में रखिए।
मशहूर साहित्यकार गोविंद मिश्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लेखन एक साधना के समान है। आपको ढेर सारी किताबें अवश्य पढ़नी चाहिए। समाज से प्रेरणा लीजिए। समाज में जो भी घटित हो रहा है उसे अपने शब्द दीजिए। ढेर सारी किताबें पढ़ते रहिए। उन्होंने अपनी मां का उदाहरण देकर महिला सशक्तिकरण के बारे में समझाया। इसके साथ ही विभिन्न कहानियों की लेखन प्रक्रिया के बारे में भी समझाया।
समापन कार्यक्रम में पूर्व आईएएस प्रमोद कुमार अग्रवाल द्वारा संपादित बुंदेलखंड के कवि किताब का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तक में 75 से अधिक कवियों ने अपनी कृतियां दी हैं। इनमें बुंदेलखंड से लेकर श्रृंगार, ओज, परंपरा, संस्कृति, दर्शन पर कविताएं लिखी हैं। समापन के अवसर पर अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मुन्ना तिवारी ने कहा कि पिछले 7 दिनों में 50 से अधिक साहित्यकार इस पुस्तक मेला का हिस्सा बनने पहुंचे। यहां मशहूर गीतकार समीर अंजान युवाओं से मुखातिब हुए। इलाहाबाद से आए कई विनम्र सेन सिंह की रचनाओं ने श्रोताओं का दिल जीत लिया।
शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने लेखन प्रक्रिया और रचनात्मकता के बारे में बहुत कुछ सीखा। यह मेला सार्थक रहा। इस अवसर पर डॉ. अचला पांडेय, डॉ. श्रीहरि त्रिपाठी, नवीनचंद्र पटेल, डॉ. बिपिन प्रसाद डॉ. प्रेमलता श्रीवास्तव, डॉ. द्यूती मालिनी, डॉ. आशीष दीक्षित, डॉ. सुधा दीक्षित, डॉ. आशुतोष शर्मा, डॉ. राघवेंद्र, कपिल शर्मा, डॉ. रामनरेश, डॉ. जोगेंद्र, डॉ. शैलेंद्र, डॉ. पुनीत, डॉ. रेनू, गरिमा, रिचा, रजनीश,आकांक्षा सिंह, मनीष मंडल, विशाल, अजय तिवारी समेत कई अन्य शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी आदि मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया