जींद : विकास की बाट जोह रहा महाभारतकालीन सर्पदधी तीर्थ

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जींद : विकास की बाट जोह रहा महाभारतकालीन सर्पदधी तीर्थ


जींद, 1 अप्रैल (हि.स.)। सफीदों का महाभारतकालीन ऐतिहासिक तीर्थ एवं सरोवर डेरा हंसराज तीर्थ खानसर जोकि सर्पदधी के नाम से भी जाना जाता है, विकास की बाट जोह रहा है। गौरतलब है कि यह तीर्थ स्थल सफीदों के प्रवेश द्वार खानसर चौक पर स्थित है। कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड की परिधि में शुमार इस तीर्थ का दौरा लगभग आठ साल पहले प्रदेश के गवर्नर कप्तान सिंह सौलंकी ने किया था। तब उन्होंने इस तीर्थ के जीर्णोद्धार का वायदा किया था। उनके दौरे के बाद में प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सफीदों आगमन पर इस तीर्थ के जीर्णोद्धार की खातिर 11 फरवरी 2019 को इसकी आधारशिला रखने के बाद लगभग सवा तीन करोड़ रुपये की राशि मंजूर की थी जो कि कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड की द्वारा वहन की जानी थी।

इस तीर्थ स्थल का दौरा करने के बाद कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड की तरफ से इसके जीर्णोद्धार की खातिर टेंडर जारी किया था और उसके बाद इसका विकास कार्य शुरू कर दिया गया। लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की राशि से पहले चरण में निर्माण कार्य कराया गया। जिसके तहत इसके दो मंजिला भवन का निर्माण कराया गया। जिसमें यहां पर एक बड़ा हाल (कथास्थल), एक अन्य हाल व तीर्थ यात्रियों की खातिर आठ कमरों का निर्माण किया गया। इसके अलावा शौचालय आदि का निर्माण भी कराया गया है। यह निर्माण कार्य लगभग चार साल पहले शुरू हुआ था। जिसमें से अभी भी पौने दो करोड़ रुपये का निर्माण कार्य बाकी है जो अधर में लटका हुआ है। शेष राशि से इस तीर्थ स्थल के पवित्र सरोवर का जीर्णोद्धार व प्रवेश द्वार के इलावा कई अन्य प्रमुख कार्य शेष हैं जोकि अभी तक अधर में लटक रहे हैं। इस तीर्थ की देखरेख कर रहे राजेश शास्त्री का कहना है कि इस तीर्थ स्थल के प्रांगण मे एक भव्य मंदिर भी बना हुआ है।

जिसमें सभी देवी-देवताओं की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा हो चुकी हैं, जिनके दर्शनार्थ हजारों श्रद्धालु हर महीने यहां आते हैं। इस तीर्थ स्थल के प्रांगण मे बजरंग बलि हनुमान जी की भव्य विशाल मूर्ति भी हैं। प्रत्येक मंगलवार को मंदिर में हनुमान चालीस का पाठ किया जाता हैं। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को इस तीर्थ स्थल पर आने पर इसके आधे-अधूरे विकास को देखकर काफी ठेस लगती हैं। राजेश शास्त्री ने कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड से मांग की है कि शीघ्र ही इस तीर्थ स्थल के निर्माण कार्य को पूरा कराया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

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