उत्तर रेलवे स्क्रैप बिक्री में 700 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई करने वाला सभी जोनल रेलवे में पहला रेलवे बना

नई दिल्ली, 3 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर रेलवे ने गुरुवार को कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ई-नीलामी की समाप्ति के साथ उसने मार्च-25 माह तक कुल 781.07 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की है जोकि अब तक की सबसे अधिक बिक्री है। इसके साथ ही, उत्तर रेलवे ने वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 781.07 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करके स्क्रैप निपटान के क्षेत्र में एक बार फिर कीर्तिमान स्थापित किया है, जबकि रेलवे बोर्ड का वार्षिक बिक्री लक्ष्य 530 करोड़ रुपये है, जो बिक्री लक्ष्य का 147.36 प्रतिशत है और भारतीय रेलवे के सभी क्षेत्रीय रेलवे और उत्पादन इकाइयों (पीयू) में रैंक-1 पर है। उत्तर रेलवे इस वर्ष स्क्रैप बिक्री में 700 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाला एकमात्र रेलवे है।
उत्तर रेलवे ने एक बयान जारी कर कहा कि यह लगातार चौथा वर्ष है जब उत्तर रेलवे ने 600 करोड़ रुपये की कुल बिक्री को पार कर लिया है और सभी क्षेत्रीय रेलवे और उत्पादन इकाइयों के बीच लगातार 4 वर्षों तक रैंक-1 प्राप्त किया है। इस प्रक्रिया में, उत्तर रेलवे ने 8 स्थानों से 592 ई-नीलामी में 3244 लॉट बेचे हैं।
उल्लेखनीय है कि स्क्रैप निपटान एक महत्वपूर्ण गतिविधि है। स्क्रैप से राजस्व उत्पन्न करने के अलावा, यह कार्यस्थल को साफ-सुथरा बनाए रखने में भी मदद करता है। रेलवे लाइनों के आस-पास रेल के टुकड़े, स्लीपर, टाई बार आदि जैसे स्क्रैप की उपलब्धता एक संभावित सुरक्षा खतरा है।
बयान में कहा गया है कि उत्तर रेलवे ने स्टाफ क्वार्टर, केबिन, शेड, पानी की टंकियों आदि के निपटान का कार्य भी मिशन मोड में किया है। इससे न केवल राजस्व अर्जित करने में मदद मिली। चालू वित्तीय वर्ष में, उत्तर रेलवे एकमात्र रेलवे बन गया है, जिसने नए व्हील और एक्सल के निर्माण के लिए कच्चे माल के रूप में उपयोग के लिए आरडब्ल्यूएफ-बैंगलोर/आरडब्ल्यूपी-बेला को ईआरसी क्लिप भेजे हैं, जो उत्तर रेलवे के विभिन्न खंडों में बेकार पड़े थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार