प्रोफेसर हरेराम त्रिपाठी बने सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति

प्रोफेसर हरेराम त्रिपाठी बने सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति

वाराणसी। सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर प्रोफेसर हरे राम त्रिपाठी को नियुक्त किया गया है। कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने बुधवार को इसका आदेश जारी किया है। प्रोफेसर त्रिपाठी श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान (नई दिल्ली) में सर्वदर्शन विभाग में प्रोफेसर हैं। 

कुलाधिपति के पत्र के अनुसार, प्रोफेसर त्रिपाठी का कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि तक होगा। गौरतलब है कि संस्कृत विश्वविद्यालय के निवर्तमान कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल का तीन वर्षों का कार्यकाल 23 मई को पूरा हो गया। प्रोफेसर हररेराम त्रिपाठी अगले सप्ताह कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं। प्रो. हरेराम त्रिपाठी विश्वविद्यालय के 35वें कुलपति होंगे। 

कुशीनगर के निवासी प्रो. त्रिपाठी की प्रारंभिक शिक्षा देवरिया में हुई। वर्ष 1986 में वह संस्कत पढ़ने वाराणसी चले आए। रामाचार्य संविवि से उत्तर मध्यमा की परीक्षा उत्तीर्ण की। शास्त्री, आचार्य व पीएचडी की पढ़ाई संस्कृत विश्वविद्यालय से की। प्रो. त्रिपाठी अब तक 30 से अधिक ग्रंथों का संपादन कर चुके हैं। 

प्रोफेसर त्रिपाठी को वर्ष 2003 में महर्षि बादरायण राष्ट्रपति पुरस्कार, शंकर वेदांत, पाणिनी, उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्था की ओर से विशिष्ट पुरस्कार सहित अन्य पुरस्कार व सम्मान मिल चुका है। 
 
अध्यापकों का मानना था कि प्रोफेसर शुक्ल का कार्यकाल तीन माह के लिए बढ़ सकता है। प्रोफेसर शुक्ल की जगह लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का कार्यवाहक कुलपति बनाया गया था।

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