हाईटेक इंटरसेप्टर, अब ओवरस्पीडिंग और नशे में ड्राइविंग पर करेगा डिजिटल निगरानी

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हाईटेक इंटरसेप्टर, अब ओवरस्पीडिंग और नशे में ड्राइविंग पर करेगा डिजिटल निगरानी


बांदा, 30 जुलाई (हि.स.)। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में पुलिस ने गुरुवार को बड़ी पहल की। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने सिविल लाइन चौकी परिसर से अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही जनपद में हाईटेक ट्रैफिक मॉनिटरिंग व्यवस्था का औपचारिक शुभारंभ हो गया।

यह इंटरसेप्टर वाहन अब राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों सहित प्रमुख मार्गों पर ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर चौबीसों घंटे डिजिटल निगरानी रखेगा। प्रदेश सरकार की सड़क सुरक्षा नीति के तहत शुरू की गई यह व्यवस्था केवल चालान तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क अनुशासन स्थापित कर दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इंटरसेप्टर वाहन अत्याधुनिक स्पीड डिटेक्शन रडार, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा, एलईडी डिस्प्ले बोर्ड, ब्रीथ एनालाइजर और ई-चालान प्रणाली से लैस है। रडार निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार वाले वाहनों की तत्काल पहचान करेगा, जबकि हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगभग 250 मीटर से एक किलोमीटर तक की दूरी से वाहन की नंबर प्लेट रिकॉर्ड करने में सक्षम हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध डिजिटल माध्यम से ई-चालान जारी किया जाएगा।

अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि वाहन में लगे ब्रीथ एनालाइजर के माध्यम से शराब पीकर वाहन चलाने वालों की मौके पर ही जांच की जाएगी। इसके अलावा रॉन्ग साइड ड्राइविंग, लापरवाही से वाहन संचालन और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सीओ यातायात सौरभ सिंह ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से यातायात नियमों का पालन अधिक प्रभावी ढंग से कराया जा सकेगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, यातायात अनुशासन मजबूत होगा और आम नागरिकों को सुरक्षित सफर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

यातायात प्रभारी महेंद्र प्रताप सिंह और टीएसआई त्रिलोकी नाथ पांडेय ने बताया कि इंटरसेप्टर वाहन के संचालन से यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होने से प्रवर्तन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, सटीक और जवाबदेह बनेगी।

कार्यक्रम के दौरान सिविल लाइंस चौकी इंचार्ज आशुतोष पांडे, जिला सड़क सुरक्षा समन्वयक समिति के सदस्य सुनील सक्सेना, सब इंस्पेक्टर दीपक कुमार चौधरी, शहर के वरिष्ठ नागरिकों के साथ यातायात एवं पुलिस विभाग के अधिकारी और जवान भी मौजूद रहे। हरी झंडी मिलने के बाद इंटरसेप्टर वाहन अपने पहले अभियान के लिए रवाना हो गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

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