लखनऊ विश्वविद्यालय के दीक्षोत्सव में 1,25,285 विद्यार्थियों को प्रदान की गयी उपाधि

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लखनऊ विश्वविद्यालय के दीक्षोत्सव में 1,25,285 विद्यार्थियों को प्रदान की गयी उपाधि


लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए 77 देशों से मिले 3,421 आवेदन

राज्यपाल ने नशा मुक्त युवा अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान

लखनऊ, 31 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ का 69वाँ दीक्षोत्सव शुक्रवार को सम्पन्न हुआ। दीक्षोत्सव में कुल 1,25,285 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं। इनमें 57,166 छात्र तथा 68,119 छात्राएँ शामिल हैं। समारोह में उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि के लिए 111 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 204 पदक प्रदान किए गए। पदक प्राप्त करने वालों में 81 छात्राएँ एवं 30 छात्र शामिल रहे।

दीक्षोत्सव को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि अपने परिवार, समाज, विश्वविद्यालय और देश का नाम रोशन करना ही शिक्षा की वास्तविक सार्थकता है। यह उपलब्धि केवल विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि उनके माता-पिता, गुरुजनों, परिवारजनों और मित्रों की भी है। किसी भी सफलता के पीछे परिवार का त्याग, मार्गदर्शन, सहयोग और विश्वास महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वालों में छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है। यह समाज में आ रहे सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त संकेत है तथा बेटियों की प्रतिभा, परिश्रम, कर्तव्यनिष्ठा और जिम्मेदारियों के उत्कृष्ट निर्वहन का प्रेरणादायी प्रमाण है।

लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए77 देशों से मिले 3,421 आवेदन

राज्यपाल ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय वैश्विक शैक्षणिक मानचित्र पर अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में विश्वविद्यालय को 77 देशों के 3,421 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों से प्रवेश आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 64 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता, शोधोन्मुख वातावरण, रोजगारपरक पाठ्यक्रमों तथा बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का प्रमाण बताते हुए विश्वविद्यालय को विदेशी विद्यार्थियों की संख्या और उनकी प्रगति का नियमित एवं व्यवस्थित अभिलेख रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। भारत की शिक्षा व्यवस्था युवाओं को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि कौशल, रोजगार और उद्यमिता के अवसर भी उपलब्ध करा रही है।

राज्यपाल ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी हैं। भारत सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।

राज्यपाल ने कहा कि वर्षा ऋतु में एक ओर वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण करना आवश्यक है, वहीं दूसरी ओर मानसून के दौरान फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए भी विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारम्भ किए गए ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से वर्षा की प्रत्येक बूंद को संरक्षित करने का आह्वान किया गया है। उन्होंने सभी से अपने घरों, संस्थानों एवं विश्वविद्यालय परिसरों में वर्षा जल संचयन तथा जल संरक्षण के प्रभावी उपाय अपनाने की अपील की।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ‘नशा मुक्त भारत’ के संकल्प को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2 अगस्त, 2026 को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया जाएगा। यह अभियान 100 सप्ताह तक देशभर में संचालित होगा, जिसके अंतर्गत 10 हजार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक युवा एक साथ नशामुक्ति की शपथ लेंगे।

इस अवसर पर राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने शोध एवं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को टीचर्स एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों द्वारा लिखित पुस्तकों का भी लोकार्पण किया। एचपीवी टीकाकरण अभियान में उत्कृष्ट सहभागिता के लिए जनपद रायबरेली के मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य कार्यक्रम अधिकारी को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी तथा मुख्य अतिथि एवं नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदिकर ने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा विश्वविद्यालय परिवार को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

समारोह में कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक, शोध, नवाचार, खेल, अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा अन्य प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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