यूपी पुलिस को मिला देश का प्रतिष्ठित The Economic Times GovTech Awards 2026
लखनऊ। योगी सरकार के नाम गुरुवार को एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हो गयी। योगी सरकार की यूपी पुलिस को नई दिल्ली में आयोजित 6th ET GovTech Conclave & Awards कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा भ्रामक खबरों एवं अफवाहों के प्रभावी खंडन हेतु विकसित ‘Fact Check’ पहल तथा तकनीक-आधारित अभिनव एवं संवेदनशील मानवीय पहल ‘Meta Suicidal Alert’ हेतु देश के प्रतिष्ठित The Economic Times GovTech Awards 2026 से सम्मानित किया गया है। वर्ष 2026 में यह पुरस्कार 26 विभिन्न श्रेणियों में प्रदान किया गया। उत्तर प्रदेश पुलिस को यह 02 विभिन्न श्रेणियों में प्राप्त हुआ — ‘UP Police Fact Check’ को यह अवार्ड ‘Digital Policing & Law Enforcement Excellence Award’ श्रेणी में एवं ‘Meta Suicidal Alert’ को ‘Digital Citizen Engagement & Grievance Redressal Award’ श्रेणी के अन्तर्गत प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण को पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसे उनके द्वारा नामित जे. रविन्द्र गौड़, पुलिस आयुक्त, गाज़ियाबाद द्वारा प्राप्त किया गया।
यूपी पुलिस फैक्ट चेक
उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक खबरों की जांच और खंडन के लिए अभिनव पहल करते हुए फैक्ट चेक की व्यवस्था शुरू की, जिसके अंतर्गत वर्ष 2017 में @UPPViralCheck (Twitter/X) हैंडल लॉन्च किया गया, जो किसी भी राज्य की पुलिस द्वारा संचालित देश का पहला फैक्ट चेक प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य वायरल पोस्ट की सच्चाई जांचकर गलत जानकारी पर तुरंत आधिकारिक स्पष्टीकरण देना है।
फैक्ट चेक द्वारा संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के आंकड़े एवं कार्यवाही
• @UPPViralCheck (X/Twitter): लगभग 3.71 मिलियन इम्प्रेशन; लगभग 236 फैक्ट चेक एवं खंडन जारी
• @UPPFactCheck (Instagram): शुरुआत से अब तक लगभग 7.85 मिलियन व्यूज
• @UPPFactCheck (Facebook): शुरुआत से अब तक लगभग 54,51,000 व्यूज
• 75 जिलों की पुलिस इकाइयों द्वारा लगभग 4,100 खंडन एवं स्पष्टीकरण जारी किए गए
• भ्रामक सूचना फैलाने वालों के विरुद्ध कुल 318 FIR दर्ज (दिसंबर 2017 से फरवरी 2026 तक)
महाकुंभ 2025 के दौरान की गई कार्यवाही
महाकुंभ मेला 2025, जो विश्व के सबसे बड़े मानव समागमों में से एक है, के दौरान कुछ संगठित भ्रामक अभियानों द्वारा अन्य देशों/प्रदेशों की भगदड़ से संबंधित पुराने वीडियो को महाकुंभ से जोड़कर प्रसारित किया गया, जिससे उत्तर प्रदेश की छवि को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। UP Police Fact Check की सक्रिय निगरानी के माध्यम से ऐसे 204 अकाउंट चिन्हित किए गए तथा 14 आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जिससे इस भ्रामक अभियान को समय रहते निष्प्रभावी कर दिया गया।
फैक्ट चेक से संबंधित उल्लेखनीय प्रकरण
मई 2025 में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिन्दूर के उपरान्त कतिपय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक AI-Generated वीडियो इस भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा था कि ताजमहल पर पाकिस्तान ने हमला किया है। पुलिस कमिश्नरेट आगरा तथा @UPPViralCheck द्वारा उक्त भ्रामक वीडियो का तत्काल खंडन करते हुए ऐसी भ्रामक पोस्ट करने वालों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करके आवश्यक विधिक कार्यवाही की गई।
मेटा सुसाइड अलर्ट
उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया सेन्टर द्वारा यह पहल मेटा कंपनी के सहयोग से विकसित की गई है। 01 जनवरी 2023 से 28 फरवरी 2026 के मध्य Meta से प्राप्त 2178 अलर्ट के माध्यम से कुल 2181 व्यक्तियों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। इन बचाए गए 2181 लोगों में से 1667 पुरुष एवं 514 महिलाएं सम्मिलित हैं।
आयु वर्ग के अनुसार कुल 2181 लोगों का विवरण
• 13–18 वर्ष आयु वर्ग: 762 व्यक्ति
• 19–25 वर्ष आयु वर्ग: 1071 व्यक्ति
• 26–35 वर्ष आयु वर्ग: 239 व्यक्ति
• 35 वर्ष से अधिक आयु वर्ग: 109 व्यक्ति
उत्तर प्रदेश पुलिस की इन महत्त्वपूर्ण उपलब्धियों के पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सशक्त नेतृत्व, दूरदर्शी सोच एवं तकनीक-आधारित सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता प्रमुख प्रेरणा-स्रोत रही है। साथ ही, पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, राजीव कृष्ण के कुशल मार्गदर्शन एवं नवाचारों को प्रोत्साहन देने वाली कार्यशैली के परिणामस्वरूप ऐसी तकनीक-समर्थित पहलें प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं, जिससे उत्तर प्रदेश पुलिस न केवल आधुनिक और जनोन्मुख पुलिसिंग की दिशा में अग्रसर है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श के रूप में स्थापित हो रही है।

