मेट्रो कॉरिडोर-2 डिपो में सिग्नलिंग उपकरणों की टेस्टिंग शुरू : सुशील कुमार
कानपुर, 20 सितंबर (हि.स.)। कॉरिडोर-2 के डिपो में सिस्टम इंस्टॉलेशन के कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और सिग्नलिंग उपकरणों की टेस्टिंग भी शुरू कर दी गई है। टीम और कार्यदायी संस्थाएं निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं। यह बातें रविवार को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहीं।
सीएसए विश्वविद्यालय परिसर स्थित निर्माणाधीन डिपो में सिग्नलिंग उपकरणों की टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू की गई। डिपो में पॉइंट मशीन, सिग्नल और एक्सल काउंटर समेत सिग्नलिंग प्रणाली से जुड़े उपकरणों का इंस्टॉलेशन लगभग पूरा हो चुका है। इस दौरान सिग्नलिंग एवं टेलीकॉम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
डिपो में कुल 27 पॉइंट मशीनें, 31 सिग्नल और 55 एक्सल काउंटर स्थापित किए जाने हैं। पॉइंट मशीनें ट्रेनों को एक लाइन से दूसरी लाइन पर सुरक्षित तरीके से ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वहीं, एक्सल काउंटर ट्रैक पर ट्रेन की मौजूदगी का पता लगाकर सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करते हैं।
डिपो के अंदर करीब 550 मीटर लंबे टेस्ट ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। यहां मेनलाइन के समान सॉफ्टवेयर और सिग्नलिंग सेटअप लागू किया गया है। टेस्टिंग के दौरान उपकरणों के आपसी समन्वय, कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता की जांच की जाएगी।
सुशील कुमार ने कहा कि वर्कशॉप में सिग्नल इक्विपमेंट रूम का निर्माण पूरा होने के बाद उसे भी शुरू कर दिया गया है। पूरी टीम और कार्यदायी संस्थाएं सुनियोजित तरीके से लक्ष्य हासिल करने के लिए समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही हैं।
करीब 23.50 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-1 (आईआईटी-नौबस्ता) में फिलहाल आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक करीब 15 किलोमीटर के हिस्से में यात्री सेवाएं संचालित हो रही हैं। कॉरिडोर-1 के कानपुर सेंट्रल-नौबस्ता वाले शेष हिस्से में जल्द यात्री सेवाएं शुरू होने की संभावना है। वहीं, करीब 8.60 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-2 (सीएसए-बर्रा-8) का सिविल निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

