भारतीय ज्ञान परंपरा को समकालीन संदर्भ में समझना जरूरी : प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी

WhatsApp Channel Join Now
भारतीय ज्ञान परंपरा को समकालीन संदर्भ में समझना जरूरी : प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी


कानपुर, 21 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत का विषय नहीं बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी प्रासंगिक है। आधुनिक समय में इसके मूल्यों को समझकर नई पीढ़ी दिशा प्राप्त कर सकती है। परंपरागत ज्ञान और समकालीन विचारों का समन्वय आवश्यक है। इससे शिक्षा और शोध को नई दृष्टि मिलती है। विद्यार्थियों को इस दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ना चाहिए। यह बातें मंगलवार को प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने कही।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में “रीइमैजिनिंग एग्ज़िसटेंस: इंडियन नॉलेज सिस्टम एंड द रोल ऑफ कंटेम्पोरेनिटी” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम भाषा संकाय द्वारा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित हुआ।

संगोष्ठी का संयोजन डॉ. सर्वेश मणि त्रिपाठी तथा सह-संयोजन डॉ. अंकित त्रिवेदी ने किया। देशभर से शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने इसमें भागीदारी की। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलसचिव राकेश कुमार मिश्र, प्रतिकुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी और अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

स्वागत भाषण देते हुए डॉ. सर्वेश मणि त्रिपाठी ने संगोष्ठी की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसके बाद विभिन्न सत्रों में वक्ताओं ने भारतीय ज्ञान परंपरा और समकालीन संदर्भों पर अपने विचार रखे। मुख्य अतिथि प्रो. अमिताव चक्रवर्ती ने पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक साहित्य के समन्वय पर बल दिया, जबकि प्रो. श्रवण के. शर्मा, प्रो. कृष्ण मोहन पांडेय और प्रो. ए.के. अवस्थी ने भी महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

तकनीकी सत्र में प्रो. बी.डी. पांडेय की अध्यक्षता में शोध-पत्र प्रस्तुतिकरण और पैनल चर्चा आयोजित हुई। इस दौरान विभिन्न विषयों पर गहन विमर्श किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुमना बिस्वास और डॉ. प्रभात गौरव मिश्रा ने किया, जबकि ऑनलाइन सत्र का संचालन डॉ. पूजा अग्रवाल ने संभाला।

ऑनलाइन सत्र की अध्यक्षता प्रो. आर.पी. प्रधान ने की तथा मुख्य अतिथि डॉ. प्रत्यूष चंद्रा रहे। कार्यक्रम का समापन डॉ. ऋचा शुक्ला के धन्यवाद ज्ञापन और प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

Share this story