बाढ़ से 19 गांव बाढ़ से प्रभावित,प्रशासन अलर्ट
बाराबंकी, 22 अगस्त (हि.स.)। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। एल्गिन ब्रिज पर शनिवार को नदी का जलस्तर 106.170 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। जिले की तीन तहसीलों के 19 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं।
बाढ़ की सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए जिला और तहसील स्तर पर 24 घंटे नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं। जिले में 18 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें एक वर्तमान में संचालित है। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 22 चिकित्सा टीमें गठित की गई हैं। इनमें 11 टीमें मौके पर उपचार कर रही हैं।
बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए रामसनेहीघाट तहसील के सेमरी, बसंतपुर, सिकरी जीवल (आंशिक), उमरहरा और अतरसुईया में राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने दो हजार राहत किट वितरित कीं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोई भी पात्र परिवार राहत से वंचित न रहने पाए।
आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 243 नाव, 434 नाविक, 75 गोताखोर और 691 लाइफ जैकेट तैयार रखे गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त नाव और मोटरबोट की भी व्यवस्था की जाएगी। अब तक 5,180 राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। प्रभावितों को भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अब तक 3,860 लोगों का उपचार किया है। मच्छरों की रोकथाम के लिए 195 गांवों में लार्वीसाइडल का छिड़काव कराया गया है। पशुपालन विभाग ने 393 पशुओं का उपचार किया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक समय से राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी

