फर्रुखाबाद : प्रेमचंद, टंडन और मैथिलीशरण गुप्त की जयंती मनाई,

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फर्रुखाबाद : प्रेमचंद, टंडन और मैथिलीशरण गुप्त की जयंती मनाई,


कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय कवि डॉक्टर शिवओम अम्बर ने किया

फर्रुखाबाद, 01 अगस्त (हि.स.)। अभिव्यंजना साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था के तत्वावधान में एन.ए.के.पी. महाविद्यालय के सभागार में मुंशी प्रेमचंद, राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन और राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती के उपलक्ष्य में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. शिवओम 'अंबर' ने की।

उन्होंने तीनों साहित्यकारों को नमन करते हुए बताया कि 2 अगस्त को हिंदी के प्रतिष्ठित कवि एवं नवगीतकार उमाकांत मालवीय की भी जयंती है। उन्होंने पौराणिक संदर्भों की आधुनिक व्याख्या करते हुए अनेक मिथकीय कहानियां और ललित निबंधों की रचना की है।

कार्यक्रम के समन्वयक भूपेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि हिंदी के रचनाकार उस समय के चिंतक, प्रेरक और विचारक थे जो इतिहास और समाज की घटनाओं को विवेचित करते थे।

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उन्होंने समाज को जगाने के लिए नर हो न निराश करो मन को जैसी कालजयी रचना दी। उनकी रचनाओं में स्त्री विमर्श था जो आज भी प्रासंगिक है।

भारती मिश्रा ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने तत्कालीन समाज की दशा का यथार्थ चित्रण किया है। उन्होंने कहा कि आज की बेटियों पर बड़ी जिम्मेदारी है क्योंकि समाज को सुसंस्कृत बनाने का दायित्व सभी का है।

डॉ. राजकुमार सिंह ने कहा कि आज अगर हम हिंदी को इस रूप में पा रहे हैं तो उसके पीछे राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन का त्याग, संघर्ष और अडिगता है। इसी के लिए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उनकी सादगी और ईमानदारी के कारण ही उन्हें 'राजर्षि' की उपाधि से सुशोभित किया गया।

प्राचार्या डॉ. पारुल मिश्रा ने कहा कि बड़ों का सानिध्य और मार्गदर्शन आवश्यक है। अच्छी कहानियां और प्रेरक प्रसंग हमारे मार्गदर्शक होते हैं।

कार्यक्रम का संचालन वैभव सोमवंशी ने किया। इस अवसर पर डॉ. राजेश हजेला, निमिष टंडन, संजय गर्ग, महेश पाल सिंह, गुंजा जैन, प्रीति रायजादा, आलोक रायजादा, प्रियांशु पांडेय, अरविंद दीक्षित, स्मृति अग्निहोत्री, प्रेम प्रकाश चौहान, रवींद्र भदौरिया, रामअवतार शर्मा, राममोहन शुक्ल, बृजकिशोर सिंह, सत्यपाल सिंह सहित अनेक साहित्यानुरागी, शिक्षिकाएं और छात्राएं उपस्थित रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar

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