परिवार ही पहली पाठशाला, जहां हाेता है नैतिक व मानवीय मूल्यों का बीजारोपण : वंदना तिवारी

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परिवार ही पहली पाठशाला, जहां हाेता है नैतिक व मानवीय मूल्यों का बीजारोपण : वंदना तिवारी


--ज्वाला देवी गंगापुरी में चतुर्थ ’सप्तशक्ति संगम’ कार्यक्रम आयोजित

प्रयागराज, 20 जनवरी (हि.स.)। ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गंगापुरी रसूलाबाद में मंगलवार को चतुर्थ सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के चार मूल स्तम्भों - स्व का बोध, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण के प्रति दायित्व एवं महिलाओं की सशक्त भूमिका रही।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सह सचिव हिंदू आध्यात्मिक सेवा संस्थान प्रयागराज की वंदना तिवारी ने कुटुम्ब प्रबोधन और भारतीय संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परिवार ही वह पहली पाठशाला है जहां नैतिक और मानवीय मूल्यों का बीजारोपण होता है।

कार्यक्रम संयोजिका आचार्या बेबिका राय ने प्रस्ताविकी रखते हुए कार्यक्रम का औपचारिक शुभारम्भ किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि छात्रों में संस्कार, संस्कृति और सामाजिक दायित्व की भावना का संचार करना तथा अभिभावकों और बच्चों को भारतीय मूल्यों के महत्व से अवगत कराने और इन सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने हेतु आग्रह किया।

विशिष्ट अतिथि हेल्थ इज वेल्थ फिटनेस डायरेक्टर विनीता कक्कड़ ने महिलाओं की सशक्त भूमिका और पर्यावरण संरक्षण विषय पर विचार व्यक्त करते हुए सशक्त महिला शक्ति के अपरिहार्य योगदान को रेखांकित किया और मातृशक्ति से जल बचत एवं वृक्षारोपण जैसे छोटे प्रयासों से प्रकृति की रक्षा करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई सही उत्तर देने वाली मातृ शक्ति को उपहार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही प्रेरणा स्वरूप रानी चेनम्मा के रूप में रिया सक्सेना, सुषमा स्वराज के रूप में सुप्रिया शुक्ला, प्रतिभा देवी पाटिल के रूप में रश्मि मिश्रा एवं रानी पद्मावती के रूप में पूजा बरनवाल को सम्मानित किया गया।

इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों व विद्यालय के प्रधानाचार्य युगल किशोर मिश्र ने मां सरस्वती के समक्ष दीपार्चन एवं पुष्पार्चन कर किया।

प्रधानाचार्य ने बताया कि इस प्रेरणादायक आयोजन में विद्यालय मातृ भारती की सदस्य एवं लगभग 200 माताओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन आचार्या रीता विश्वकर्मा व श्रद्धा श्रीवास्तव ने किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

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