नौतपा शुरु हाेने से बांदा में बढ़ेगी तपिश, बारिश मानसून बारिश पर डाल सकता है असर
पशुधन उत्पादन एवं प्रबंधन वैज्ञानिक डॉ. मयंक दुबे ने कहा- पशुओं को लू से बचाने की सलाह
बांदा, 25 मई (हि.स.)। बुंदेलखंड सहित पूरे उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच 25 मई साेमवार से नौतपा की शुरुआत होने से वर्ष के सबसे अधिक गर्म दिनों का दौर शुरू हाेने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार नौतपा के दौरान तापमान में और बढ़ोतरी होगी। तेज धूप, लू और उमस लोगों की परेशानियां बढ़ा सकती हैं। वहीं कहीं-कहीं आंधी और हल्की बारिश के भी आसार जताए जा रहे हैं।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही नौतपा आरंभ होता है। इस वर्ष 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहने वाले नौतपा में सूर्य को गुरु ग्रह का साथ मिलने से गर्मी का प्रभाव और अधिक तीखा माना जा रहा है।
कृषि विश्वविद्यालय बांदा के कृषि मौसम विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. दिनेश साह ने बताया कि अधिक गर्मी मानसून की गतिविधियों को प्रभावित करती हैं। अत्यधिक तापमान के कारण वातावरण में खिंचाव उत्पन्न होता है, जिससे हिंद महासागर की मौसमी गतिविधियां उत्तर भारत की ओर आकर्षित होती हैं और अच्छे मानसून की संभावना बनती है। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड में यह मान्यता भी है कि यदि नौतपा के दौरान बारिश हो जाए तो आगामी मानसून में वर्षा की मात्रा और वितरण प्रभावित हो सकता है।
इधर, बुंदेलखंड के कई हिस्सों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते इंसानों के साथ-साथ पशुओं पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। पशुओं में लू लगने के कारण भूख कम होना, तेज बुखार, सांस फूलना, आंखों का लाल होना, दस्त, शरीर में पानी की कमी और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
कृषि विश्वविद्यालय बांदा के पशुधन उत्पादन एवं प्रबंधन वैज्ञानिक डॉ. मयंक दुबे ने पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि पशुओं को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक शेड में रखें तथा शेड को टाट या बोरे से ढंककर ठंडा बनाए रखें। गर्म हवाओं से बचाव के लिए टाट पर समय-समय पर पानी का छिड़काव करें। पशुओं को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी और हरा चारा दें तथा बासी भोजन खिलाने से बचें।
उन्होंने नवजात बछड़ों, दुधारू पशुओं और संकर नस्ल की गायों की विशेष देखभाल करने की अपील की। साथ ही कहा कि गर्मी में शरीर में लवणों की कमी हो जाती है, इसलिए खनिज लवण भोजन में मिलाकर देना जरूरी है। यदि कोई पशु असामान्य दिखाई दे तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

