दिल मिले न मिले, हाथ मिल रहे : अनुप्रिया पटेल
कानपुर, 26 सितंबर (हि.स.)। सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन ऐसा लग रहा है, जैसे दिल मिले न मिले, हाथ मिलने चाहिए। दोनों दल एक-दूसरे के गढ़ से चुनाव प्रचार शुरू कर रहे हैं, लेकिन कहीं भी संयुक्त कार्यक्रम नजर नहीं आ रहे हैं। इससे साफ है कि गठबंधन में आपसी सामंजस्य की कमी है। ये बातें शनिवार को कानपुर पहुंचीं अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद अनुप्रिया पटेल ने कहीं।
सांसद अनुप्रिया पटेल आज कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचीं। यहां घाटमपुर से अपना दल (एस) की विधायक सरोज कुरील ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह कानपुर सर्किट हाउस पहुंचीं। यहां से वह घाटमपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हुईं।
उन्होंने सपा की पीडीए रथयात्रा और इंडी गठबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि गठबंधन में शामिल दल एक-दूसरे के गढ़ में जाकर चुनौती देने का काम कर रहे हैं। इसके बावजूद चुनाव साथ लड़ने की बात कही जा रही है। वहीं, जनता इन परिस्थितियों का आनंद ले रही है । एनडीए आने वाले चुनाव में रिकॉर्ड जीत हासिल करने की तैयारी में है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, कांग्रेस जनता के बीच भ्रम पैदा करने वाली बातें शुरू कर देती है। पहले सुप्रीम कोर्ट और अब चुनाव आयोग को लेकर की जा रही टिप्पणियां इसका उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि जनता को गुमराह करने के बजाय अब चुनाव आयोग को सामने आकर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एनडीए की ताकत काफी बढ़ी है। गठबंधन तीसरी बार अपने विकास कार्यों और उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जा रहा है। चुनाव में जातीय समीकरण महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन एनडीए के साथ पांच दलों का गठबंधन है। उन्होंने दावा किया कि इस बार गठबंधन रिकॉर्ड जीत के साथ प्रदेश में सरकार बनाएगा।
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के यूपी में प्रत्याशी उतारने और गठबंधन की बात पर उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों का अपना-अपना एजेंडा होता है। यदि ओवैसी ने गठबंधन करने और प्रत्याशी उतारने का निर्णय लिया है तो यह उनका व्यक्तिगत फैसला है। इस पर वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

