जौनपुर की दिशा बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर उठाए सवाल
जौनपुर, 04 अप्रैल (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति “दिशा” की बैठक में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगे और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। बैठक की अध्यक्षता सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने की, जबकि सह-अध्यक्ष के रूप में सांसद प्रिया सरोज और राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी उपस्थित रहीं।
बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा के दौरान जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों की तैयारी और जवाबदेही पर नाराजगी जताई। बैठक के उपरांत पत्रकारों से बात करते हुए मछलीशहर की सपा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई अधिकारियों को अपने ही विभाग और योजनाओं की समुचित जानकारी नहीं है। उन्होंने मांग की कि सभी अधिकारी विधानसभा वार मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराएं। डॉ. सोनकर ने शिक्षा और पोषण से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों में मिड-डे मील के लिए पर्याप्त बजट होने के बावजूद बच्चों को मानक के अनुरूप पोषण नहीं मिल रहा है। इस पर एक निगरानी टीम गठित कर व्यवस्था सुधारने की मांग की गई। साथ ही जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन के उपयोग न होने पर भी सवाल उठाए गए।
बदलापुर के भाजपा विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने भी अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अधिकारी बिना तैयारी के बैठकों में आते हैं और जनप्रतिनिधियों को गुमराह करते हैं। बदलापुर में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के कार्य में हो रही देरी पर उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द काम पूरा नहीं हुआ तो वह धरने पर बैठेंगे।
बैठक के दौरान सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे योजनाओं की अद्यतन जानकारी के साथ बैठक में उपस्थित हों और जनप्रतिनिधियों को पूरी पारदर्शिता के साथ सूचनाएं उपलब्ध कराएं। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

