कृषि विभाग की कार्यप्रणाली होगी हाईटेक, किसानों को जल्दी मिलेगा योजनाओं का लाभ
लखनऊ, 17 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, पेपरलेस और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी 'ई-ऑफिस' योजना को विभाग में पूर्णतः प्रभावी बनाने हेतु सरकार ने 5.56 करोड़ रुपये (556 लाख रुपये) की महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य विभागीय स्तर पर फाइलिंग सिस्टम को आधुनिक बनाना और कार्यों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना है।
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि सरकार का ध्येय है कि किसानों से जुड़ी हर सेवा डिजिटल माध्यम से कम से कम समय में उन तक पहुँचे, जिससे प्रदेश का कृषि क्षेत्र और अधिक सशक्त और आधुनिक बन सके। इस स्वीकृत धनराशि से विभाग के लिए 625 उच्च गुणवत्ता वाले 'ऑल इन वन' कंप्यूटर्स का क्रय किया जाएगा। वर्तमान में पूरे प्रदेश में कृषि विभाग के अभिलेखों की स्कैनिंग और डिजिटाइजेशन का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इन नए कंप्यूटर्स और अन्य सहवर्ती उपकरणों को जल्द ही मुख्यालय सहित सभी जनपदीय कार्यालयों को उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे विभागीय बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और ई-ऑफिस प्रणाली को गति प्राप्त होगी।ई-ऑफिस लागू होने से न केवल फाइलों का सुरक्षित रखरखाव सुनिश्चित होगा, बल्कि अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। तकनीक के इस समन्वय से किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न सरकारी योजनाओं और अनुदानों से संबंधित लाभ अत्यधिक प्रभावी और त्वरित गति से प्राप्त हो सकेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

