कृषि विज्ञान कांग्रेस : खेती की नई चुनौतियों पर वैज्ञानिकों ने किया मंथन

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कृषि विज्ञान कांग्रेस : खेती की नई चुनौतियों पर वैज्ञानिकों ने किया मंथन


लखनऊ, 09 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में विकसित कृषि विकसित भारत @2047 के लिये कृषि में परिवर्तन विषय पर आयोजित की जा रही छठवीं उ.प्र. कृषि विज्ञान कांग्रेस के दूसरे दिन गुरुवार काे सात विभिन्न तकनीकी सत्रों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इन सत्रों में कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, कृषि व्यापार के स्थान पर कृषि व्यवसाय को बढ़ावा देने और छात्रों को नौकरी के बजाय उद्यमिता की ओर प्रेरित करने पर विस्तृत विमर्श के उपरांत महत्वपूर्ण संस्तुतियां दी गईं। कृषि में मार्केटिंग, वैल्यू एडीशन तथा पैकेजिंग पर विशेष ध्यान देने और खेत एक फसल अनेक का सिद्धांत अपनाने पर भी जोर दिया गया।

द्वितीय दिवस पर आयोजित सात तकनीकी सत्रों में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के डा. अक्षत सिंह ने जलवायु अनुकूल फसलों की किस्मों के विकास के लिए एकीकृत तकनीक, फसलों में जैविक तनाव (पौधों की बीमारियों तथा कीटों एवं नेमाटोड्स) का प्रबंधन, उच्च उत्पादकता के लिए प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और फार्म मशीनीकरण जैसे विषयों पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त, शुष्क क्षेत्रों में छोटे किसानों के लिए नवीन बीज प्रणाली, द्वितीयक कृषि, मूल्य संवर्धन और पोषण, तथा खाद्य सुरक्षा, ट्रेसिएबिलिटी, व्यापार और नीतियों पर भी विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने यह भी रेखांकित किया कि अगली पीढ़ी की तकनीकों में कृषि को अधिक उत्पादक, सुरक्षित, पूर्वानुमानित, सटीक और लाभकारी बनाने की अपार क्षमता है।

तकनीकी सत्रों में आई.सी.ए.आर. के उपमहानिदेशक डा. डी.के. यादव ने गन्ना उत्पादन आधारित प्रणाली अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के अंतर्गत गन्ने के साथ हल्दी, मूंग, काली मिर्च और अजवाइन की अंतः फसल लेने को अत्यधिक लाभकारी बताया ।

कृषि उत्पादकता के साथ-साथ पोषण और खाद्य प्रसंस्करण पर जोर देते हुए यह बताया गया कि बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए बेबी फूड मिक्स में बीटा कैरोटीनयुक्त निर्जलित गाजर पाउडर, फ्रीज-ड्राइड आम पाउडर और अमरूद का पाउडर मिलाया जाना चाहिए। विटामिन और आयरन की पूर्ति के लिए आयरन-समृद्ध आंवला कैंडी, पके व कच्चे आम से तैयार मैंगो बार तथा जामुन बार के उपयोग को प्रोत्साहित किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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