युवाओं के विचार, संस्कार और कर्म पर निर्भर करता है भारत का भविष्य : सह सरकार्यवाह

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गोरखपुर, 09 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरखपुर महानगर दक्षिण भाग के तत्वावधान में गुरुवार काे गोरखपुर क्लब में “राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका” विषय पर एक भव्य युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारम्भ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अतुल लिमये, गोरक्ष प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल एवं दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओम प्रकाश सिंह द्वारा भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि से हुआ।

इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, मदन मोहन मालवीय प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय सहित अन्य तमाम शिक्षण संस्थानों से युवाओं, विद्यार्थियों, समाजसेवियों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जागरूक नागरिकों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के मुख्य उद्बोधनकर्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने अपने संबोधन में युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के विचार, संस्कार और कर्म पर निर्भर करता है। “युवा शक्ति ही राष्ट्र की असली पूंजी है। जिस देश का युवा जागरूक, संस्कारित और संगठित होता है, वह देश स्वतः ही विकास और वैभव के शिखर पर पहुंचता है।”

उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर, अनुशासित और राष्ट्र के प्रति समर्पित बनने का संदेश देते हुए कहा कि केवल व्यक्तिगत उन्नति नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के उत्थान को भी जीवन का ध्येय बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि युवा अपने जीवन में अनुशासन, सेवा और समर्पण के मूल्यों को अपनाएं, तो देश को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। युवाओं को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो न केवल अपने करियर में आगे बढ़ें, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाएं। वर्तमान समय केवल अवसरों का नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों का भी है। युवा केवल अपने व्यक्तिगत विकास तक सीमित न रहें, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए आगे आएं।

उन्होंने राष्ट्र निर्माण में चरित्र निर्माण, संगठन शक्ति और सामाजिक समरसता के महत्व पर विशेष बल दिया। राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका निर्णायक है। युवाओं अपने जीवन में अनुशासन, संस्कार और सेवा की भावना को अपनाकर समाज एवं देश के विकास में सक्रिय योगदान दें। आज का समय चुनौतियों के साथ-साथ अपार संभावनाओं का भी है। ऐसे में युवाओं की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने चरित्र निर्माण, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण एवं राष्ट्रहित में सक्रिय भागीदारी को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। संगठित और संस्कारित युवा शक्ति ही एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकती है।

इस अवसर पर युवाओं के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित प्रतिभागियों ने अपने प्रश्न रखे और अतुल लिमये ने उनके समाधान प्रस्तुत किए। संवाद के माध्यम से युवाओं में नई ऊर्जा, उत्साह और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना देखने को मिली। यह युवा संवाद कार्यक्रम न केवल युवाओं को प्रेरित करने वाला रहा, बल्कि उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को समझने और उसे निभाने के लिए एक सशक्त मंच भी प्रदान किया।

कार्यक्रम की प्रस्ताविकी डॉ. अमित सिंह, मंच संचालन संदेश तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. ओमप्रकाश सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम के साथ हुआ।।

इस अवसर पर प्रांत प्रचारक रमेश, प्रांत प्रचारक प्रमुख डॉ अवधेश, विभाग प्रचारक अजय नारायण, प्रांत सह व्यवस्था प्रमुख हरे कृष्ण, बौद्धिक प्रमुख संकर्षण त्रिपाठी, प्रो. बी के पाण्डेय, प्रो. शरद मिश्र, प्रो. हरीश चंद्र, डॉ. मनोज, जिला प्रचारक मनीष, रोहित, अभिषेक, पद्माकर उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

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