उद्योगों को त्वरित बिजली कनेक्शन देने पर योगी सरकार का फोकस, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
निवेश और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए यूपीपीसीएल ने कसा शिकंजा
लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
कनेक्शन देना हमारा काम, इसमें विलंब ठीक नहीं है- यूपीपीसीएल अध्यक्ष
बिजली बिल शिकायतों के समाधान के लिए शिविरों को प्रभावी बनाने पर जोर
लाइन लॉस घटाने, राजस्व बढ़ाने और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार का लक्ष्य
लखनऊ, 18 अगस्त। उत्तर प्रदेश में उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को गति देने के लिए योगी सरकार ने विद्युत कनेक्शन प्रक्रिया को और तेज व पारदर्शी बनाने की दिशा में सख्त कदम उठाए हैं। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं उ.प्र. पावर कारपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने विद्युत व्यवस्था की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की उद्योगों एवं व्यापारिक गतिविधि को बढ़ावा देना प्रमुख प्राथमिकता है। इसलिये निवेश मित्र पोर्टल आदि पर कनेक्शन के आवेदनों का अतिशीघ्र निस्तारण होना चाहिए।
लंबित मामलों के समाधान पर विशेष जोर
यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने कहा कि कनेक्शन देना हमारा काम है, इसमें विलंब ठीक नहीं है। अगर कहीं विलंब की शिकायत आएगी तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। विद्युत निगमों के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि विद्युत कनेक्शन देने में आनाकानी या विलंब की शिकायत आने पर कार्रवाई के साथ जिम्मेदार अधिकारी की विजिलेंस जांच भी कराई जाएगी। झटपट एवं निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को आवेदनवार स्थिति की निगरानी करने तथा जहां आवश्यक हो, आवेदकों से तत्काल संपर्क कर लंबित मामलों का समाधान कराने को भी कहा है।
उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के निर्देश
यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने बैठक में नगरीय, तहसील एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति, फीडर मीटरों के आंकड़ों तथा वितरण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मानकों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फीडर स्तर के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण करते हुए जहां भी कमियां सामने आएं, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करें।
साथ ही विद्युत बिलों में सुधार के लिए लगाए जा रहे शिविरों की प्रगति पर भी अधिकारियों से जानकारी ली।
निर्देश दिए कि शिविरों के माध्यम से उपभोक्ताओं की बिल संबंधी शिकायतों का मौके पर अधिक से अधिक निस्तारण किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अधिक लाइन हानि वाले फीडरों एवं क्षेत्रों में चल रही कार्रवाई की जानकारी लेते हुए फीडरवार कार्य योजना बनाकर नियमित कार्यवाई करने के निर्देश दिए हैं।
लाइन हानि कम करने और राजस्व बढ़ाने पर जोर
वितरण निगमों में केंद्रीकृत सामग्री की निविदाओं, क्षतिग्रस्त वितरण परिवर्तकों की स्थिति तथा इनके लिए उत्तरदायी कार्मिकों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी ली। 100 केवीए से कम क्षमता वाले वितरण परिवर्तकों पर फ्यूज सेट लगाने की प्रगति में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व वृद्धि, लाइन हानियों में कमी, बेहतर बिलिंग, स्मार्ट मीटर की प्रभावी मॉनिटरिंग और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के लक्ष्य तभी पूरे होंगे जब प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की नियमित निगरानी करते हुए परिणाम आधारित कार्यप्रणाली अपनाने तथा उपभोक्ताओं को बेहतर, पारदर्शी एवं निर्बाध विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शक्ति भवन में हुई इस समीक्षा बैठक में कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक नितीश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

