योगी सरकार ने लॉन्च किया ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन’ का आधिकारिक पोर्टल
75 जिलों के पारंपरिक स्वाद को मिलेगा वैश्विक मंच, पाक विरासत को पर्यटन, उद्यमिता और रोजगार से जोड़ने की पहल
ग्रेटर नोएडा, 25 सितंबर। उत्तर प्रदेश की समृद्ध पाक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने और स्थानीय स्वाद को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन’ (ODOC) के आधिकारिक डिजिटल पोर्टल www.odoc-up.in का शुभारंभ किया गया। यह पोर्टल प्रदेश के सभी 75 जनपदों की विशिष्ट पाक परंपराओं, स्थानीय व्यंजनों, खाद्य उत्पादों और इससे जुड़े उद्यमियों को एक साझा डिजिटल मंच उपलब्ध कराएगा।

योगी सरकार की ‘स्थानीय से वैश्विक’ की सोच के अनुरूप तैयार किए गए इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की खान-पान की विविधता को केवल सांस्कृतिक पहचान तक सीमित न रखते हुए उसे पर्यटन, उद्यमिता, रोजगार, खाद्य प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार से जोड़ना है। इससे प्रदेश के स्थानीय खाद्य उद्यमियों, फूड वेंडर्स, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और निर्यातकों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
ओडीओपी की सफलता के बाद पाक विरासत को नई पहचान
योगी सरकार की महत्वाकांक्षी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पहल ने प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को देश और दुनिया में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए ओडीओसी के माध्यम से अब प्रदेश की पारंपरिक पाक विरासत को भी व्यवस्थित पहचान और बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट खान-पान परंपरा है। ब्रज, अवध, बुंदेलखंड, पूर्वांचल, रुहेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पाक विविधता प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है। ओडीओसी इन स्थानीय स्वादों को डिजिटल माध्यम से व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का काम करेगा।

75 जिलों के स्वाद की बनेगी डिजिटल पहचान
ओडीओसी पोर्टल पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों की विशिष्ट पाक परंपराओं और व्यंजनों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई है। नागरिकों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटक, खाद्य प्रेमी, खरीदार और कारोबारी भी इस मंच के माध्यम से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक स्वाद से परिचित हो सकेंगे।
पोर्टल पर डिस्ट्रिक्ट कुज़ीन, स्टेकहोल्डर डायरेक्टरी, स्कीम्स एंड पॉलिसीज, इवेंट्स, गैलरी, वीडियो, सक्सेस स्टोरीज, प्रोडक्ट वीडियो और प्रोडक्ट डीएसआर जैसे विभिन्न सेक्शन उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से ओडीओसी से जुड़े उद्यमियों और अन्य हितधारकों को एकीकृत डिजिटल मंच प्रदान किया गया है।
स्थानीय स्वाद से वैश्विक बाजार तक
योगी सरकार का जोर प्रदेश की पारंपरिक क्षमताओं को आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़ने पर है। इसी क्रम में ओडीओसी के तहत पारंपरिक व्यंजनों और खाद्य उत्पादों के ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता, मूल्यवर्धन और बाजार विस्तार पर ध्यान दिया जा रहा है।
पाक विरासत को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने से स्थानीय स्तर पर खाद्य उद्यमिता को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की संभावना है। वहीं पर्यटकों के लिए भी स्थानीय व्यंजन प्रदेश के पर्यटन अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं।
संस्कृति, पर्यटन और कारोबार का संगम
उत्तर प्रदेश की पाक परंपरा यहां के इतिहास, संस्कृति, कृषि, स्थानीय संसाधनों और सामाजिक परंपराओं से गहराई से जुड़ी है। ओडीओसी इसी विरासत को आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नई पीढ़ी और वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास है।
पोर्टल पर उपलब्ध सफलता की कहानियां, उत्पाद संबंधी वीडियो और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी स्थानीय खाद्य उद्यमियों को प्रेरित करने के साथ संभावित खरीदारों और निवेशकों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से एक मंच पर आएगी जानकारी
www.odoc-up.in को उत्तर प्रदेश की पाक विरासत के लिए एकीकृत डिजिटल मंच के रूप में विकसित किया गया है। पोर्टल पर ओडीओसी से संबंधित जानकारी, गतिविधियां, कार्यक्रम, सफलता की कहानियां और अन्य संसाधन एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे।
योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश के स्थानीय स्वाद, पारंपरिक ज्ञान और खाद्य उद्यमिता को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ओडीओपी के बाद ओडीओसी के माध्यम से अब प्रदेश के उत्पादों के साथ-साथ उसके स्वाद की भी ब्रांडिंग करने की कोशिश की जा रही है।

