अपराधियों के लिए डर का पर्याय बने योगी बालहठ के आगे पड़ जाते हैं नरम

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अपराधियों के लिए डर का पर्याय बने योगी बालहठ के आगे पड़ जाते हैं नरम


-‘निश्छल मन’ को भी उतने ही प्रिय हैं योगी ‘बाबा’

लखनऊ, 01 मार्च (हि.स.)। कानपुर की खुशी की आवाज लौटाने से लेकर लखनऊ की अंजना के मकान को कब्जामुक्त कराने और गोरखपुर की पंखुड़ी की फीस की चिंता करने से लेकर कानपुर की मायरा, मुरादाबाद की वाची, लखनऊ की अनाबी, लखीमपुर खीरी के शिवांशु-अजय कुमार समेत अनेक बच्चों के भविष्य को संवारने का जिम्मा संभालने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बच्चे भी उनसे मिलने के लिए उत्सुक रहते हैं।

जापान दौरे पर यामानाशी में भी मुख्यमंत्री योगी को देखने, उनसे मिलने और बाद करने के लिए बच्चों में भारी उत्साह देखा गया। एक छोटे बच्चे ने उनके सामने ‘कर्पूरगौरं करुणावतारं’ मंत्र का वाचन किया। एक लाइन भूल जाने पर मुख्यमंत्री ने स्वयं मंत्र को पूरा कर न सिर्फ बच्चे के आत्मविश्वास को बल दिया, बल्कि भारतीय संस्कृति व संस्कार को धारण करने के लिए बच्चे पर अपना स्नेह भी लुटाया। यहां मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ ‘गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः’ मंत्र का उच्चारण भी किया। बच्चों ने मुख्यमंत्री के पैर छूकर आशीर्वाद लिया तो मुख्यमंत्री ने भी चॉकलेट देकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। योगी ने विदेश में रहकर भी भारतीय संस्कारों को जीवित रखने वाले परिवारों की खुलकर सराहना की।

भावनात्मक संवाद और बच्चों से जुड़ाव मुख्यमंत्री का बच्चों से जुड़ाव और उनके साथ भावनात्मक संवाद समय-समय पर सामने आता रहता है। विगत दिनों ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आई बच्ची अनाबी अली से मुख्यमंत्री का संवाद चर्चा में रहा। मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखनाथ मंदिर में एक बच्चे से “और क्या चाहिए” पूछना और उसका मासूम जवाब- ‘चिप्स’ सुनकर खिलखिलाकर हंसना उनके बालप्रेम को प्रकट करता है।

कानपुर की मूक-बधिर खुशी गुप्ता के हृदय की पीड़ा को यदि किसी ने समझा तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने। मुख्यमंत्री से मिलने की जिद और अकेले पैदल चलकर लखनऊ पहुंचने की जानकारी जब मुख्यमंत्री योगी को मिली तो उन्होंने उसे बुलाकर उसके बनाए चित्रों को स्वीकार किया और उसके शिक्षित-सुरक्षित भविष्य का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर खुशी का इलाज हुआ और आज वह बोल-सुन भी रही है। अपनी ‘अनकही भावनाओं’ को अब वह शब्द दे पा रही है।

‘जनता दर्शन’ से सीधे अस्पताल भेज दिखाई संवेदनशीलता‘जनता दर्शन’ में कानपुर की रायपुरवा निवासी एक वृद्ध मां कैंसर पीड़ित बेटे का दर्द लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची थीं। उनकी तकलीफ देखकर द्रवित हुए मुख्यमंत्री ने कैंसर पीड़ित को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाकर उसका इलाज प्रारंभ कराया।

घर पहुंचने से पहले बेसहारा भाइयों के पास पहुंचाई मदद दादी-बाबा के साथ ‘जनता दर्शन’ में लखीमपुर खीरी से पहुंचे दो बच्चों ने मुख्यमंत्री को आपबीती सुनाई थी। इस पर मुख्यमंत्री की तरफ से तत्काल लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन को दोनों बच्चों को हरसंभव मदद के निर्देश पहुंच गए। लखीमपुर प्रशासन ने दोनों बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया और 50 हजार नकद के साथ खाद्यान्न व सीएसआर किट सौंपी। धौरहरा के सरसवा गांव निवासी शिवांशु और अजय कुमार की माता की वर्ष 2018 में एक दुर्घटना में मृत्यु हो गयी थी जबकि पिता ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। आर्थिक संसाधनों के अभाव में उनकी पढ़ाई बाधित हो गई। मुख्यमंत्री से मिलने के बाद फिर से उन बच्चों की पढ़ाई भी शुरू हो गई और उनका उज्ज्वल भविष्य भी सुनिश्चित हो गया।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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