आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का केंद्र बनेगा यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र, पांच साै एकड़ भूमि आरक्षित

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का केंद्र बनेगा यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र, पांच साै एकड़ भूमि आरक्षित


नोएडा, 02 जनवरी (हि.स.)। यमुना सिटी का सेक्टर-11 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और वित्तीय संस्थानों का केंद्र बनेगा। इन परियोजनाओं के लिए यमुना प्राधिकरण ने 500 एकड़ भूमि आरक्षित की है। विकास का मॉडल तय करने के लिए परामर्शदाता कंपनी का चयन किया जाएगा। प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि यमुना प्राधिकरण एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) निकालेगी। इसके लिए दस्तावेज तैयार कराए जा रहे हैं। तकनीकी दौर में एआई पर जोर है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भी इसे लेकर काफी प्रयास किए जा रहे।

अब उसी के अनुरूप यमुना प्राधिकरण ने अपनी तैयारी शुरू की है। प्राधिकरण सेक्टर-11 में 750 एकड़ में उत्तर भारत की पहली फिनटेक सिटी विकसित करने की योजना तैयार कर रहा है। इसकी डीपीआर बन चुकी है। पहले इसे 250 एकड़ में विकसित किया जाएगा। यहां पर विभिन्न प्रकार की वित्तीय संस्थाएं आएंगी। अब यहां एआई, डाटा और आईटी से जुड़े अन्य केंद्र विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए प्राधिकरण ने 90 प्रतिशत से अधिक भूमि आरक्षित कर ली है। इस तरह के संस्थान आएंगे यहां पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंप्यूटर विज्ञान की शाखा है। यह मशीनों को मनुष्यों की तरह सोचने, सीखने और कार्य करने की क्षमता प्रदान करती है। एआई के लिए भौतिक बुनियादी ढांचा, तकनीक, सॉफ्टवेयर और डाटा प्रमुख हैं। एआई का मुख्य ईंधन डाटा ही है। यहां पर इससे जुड़ी कंपनियों को लाया जाएगा। साथ ही डाटा संरक्षित करने के लिए भी पार्क को विकसित किया जाएगा। माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल जैसी कंपनियों ने रुचि दिखाई हैं। एयरपोर्ट के पास आईटी पार्क विकसित करने के लिए प्राधिकरण ने माइक्रोसाफ्ट, एप्पल, टेक महिंद्रा समेत कई कंपनियों के सीईओ को पत्र लिखा है। कंपनियों ने यहां आने के लिए दिलचस्पी भी दिखाई है। प्राधिकरण ईओआई के जरिए आने वाली एजेंसियों के साथ मिलकर हब के विकास का मॉडल तय करेगा। प्रयास रहेगा कि पूरी जमीन आरक्षित होने के बाद ही इसका काम शुरू हो, ताकि काम के बीच में बाधा न आए।

यमुना विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आर के सिंह ने बताया कि सेक्टर-11 को एआई, वित्तीय और आईटी कंपनियों के हब के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए जमीन आरक्षित कर ली गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार/सुरेश

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी

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