विश्व धरोहर सप्ताह 2026: अब आम लोग भी बनेंगे अपनी विरासत के कहानीकार

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विश्व धरोहर सप्ताह 2026: अब आम लोग भी बनेंगे अपनी विरासत के कहानीकार


जनभागीदारी से सशक्त होगी हमारी सांस्कृतिक विरासत: जयवीर सिंह

लखनऊ, 12 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने विश्व धरोहर सप्ताह के मौके पर लोगों के लिए दो विशेष अभियान शुरू किए हैं। इनका उद्देश्य है कि आम लोग भी अपनी आसपास की विरासत (हेरिटेज) को पहचानें, उसे साझा करें और उससे जुड़ाव महसूस करें।

पहला अभियान है ‘यूपी हेरिटेज थ्रू माई लेंस’ इसमें आप अपने मोबाइल से किसी भी पुराने या अल्पज्ञात ऐतिहासिक स्थल की फोटो, कोई स्थानीय मंदिर का छोटा वीडियो बनाकर भेज सकते हैं। यह कोई पौराणिक स्थान या ऐतिहासिक मेला, अल्पज्ञात किला या तीर्थस्थल, आपके क्षेत्र का कोई विशेष स्थान हो सकता है, जिसके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते।

दूसरा अभियान ‘शेयर योर पर्सनल ट्रेजर’ है, जिसके तहत लोग अपने घरों में सहेजकर रखी गई पुश्तैनी वस्तुएं, पुरानी मुद्राएं (सिक्के), गुल्लक, चिट्ठियां, पारंपरिक आभूषण, पुश्तैनी बर्तन या पुराने जमाने के विशेष ताले जैसी वस्तुएं शामिल हैं, जो परिवार के लिए विशेष महत्व रखती हैं।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, “विश्व धरोहर सप्ताह के अवसर पर शुरू किए गए ये अभियान आम लोगों को अपनी विरासत से जोड़ने की एक खास पहल हैं। ‘हेरिटेज थ्रू माई लेंस’ और ‘पर्सनल ट्रेजर’ के जरिए अब हर व्यक्ति अपनी नजर से अपनी धरोहर को पहचान सकता है और उसकी कहानी दुनिया के सामने ला सकता है। हम चाहते हैं कि खासकर युवा पीढ़ी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले और अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों पर गर्व महसूस करे।”

अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य, अमित अभिजात ने बताया कि ऐसी पहलें पर्यटन को एक नए दौर में ले जा रही हैं, जहां लोग सिर्फ दर्शक नहीं बल्कि सक्रिय भागीदार बनते हैं। अब आम नागरिक खुद तय करेंगे कि उनकी धरोहर क्या है और उसे कैसे प्रस्तुत किया जाए। इससे न सिर्फ स्थानीय स्तर पर छिपी हुई विरासत सामने आएगी, बल्कि उन स्थलों और परंपराओं को भी पहचान मिलेगी, जिन्हें भविष्य में राज्य के पर्यटन नक्शे पर खास जगह दी जा सकती है।

अच्छी बात यह है कि इसमें भाग लेना बहुत आसान है। आप सिर्फ मोबाइल से फोटो या वीडियो बनाकर भेज सकते हैं। किसी खास उपकरण या प्रोफेशनल कैमरे की जरूरत नहीं है। इन अभियानों की खास बात यह है कि चुनी गई बेहतरीन प्रविष्टियों को पुरस्कार मिलेगा। साथ ही ‘पर्सनल ट्रेजर’ कैटेगरी की कुछ एंट्री राज्य संग्रहालय में भी प्रदर्शित की जाएंगी।

इन दोनों प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की आखिरी तारीख 18 अप्रैल 2026 है। इच्छुक लोग उत्तर प्रदेश पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। अब मौका है कि आप भी अपनी विरासत को दुनिया के सामने लाएं और उसकी कहानी खुद सुनाएं।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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