होजरी कॉम्प्लेक्स में छह घंटे तक श्रमिकों का हंगामा
नोएडा, 10 अप्रैल (हि.स.)। नोएडा के फेस-2 क्षेत्र के होजरी कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार को 10 से अधिक फैक्ट्रियों के श्रमिकों ने वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों को लेकर छह घंटे तक हंगामा किया। डीएमसी मार्ग पर उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। इस बीच कुछ श्रमिकों ने पथराव भी किया। पुलिस ने उनको शांत कराया और फूल मंडी में बैठक कराई। वहां पर उद्यमी संगठनों ने श्रमिकों को जल्द ही सभी मांगों का समाधान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद श्रमिक शांत हुए। हालांकि, कुछ श्रमिक शनिवार को भी प्रदर्शन करने की चेतावनी दे रहे हैं। होजरी कॉम्प्लेक्स में गारमेंट एक्सपोर्ट की काफी इकाइयां हैं।
इसमें कई नामी कंपनी भी हैं। यहां काफी संख्या में श्रमिक काम करते हैं। अप्रैल के पहले सप्ताह में वेतन वृद्धि कम होने से श्रमिकों में रोष बढ़ गया। श्रमिकों का आरोप है कि महंगाई के समय में 350 रुपये के इंक्रीमेंट का कोई मतबल नहीं। श्रमिकों ने गारमेंट इकाइयों के प्रबंधन से वार्ता की। हरियाणा में बढ़ाए गए वेतन का जिक्र भी किया, परंतु कोई समाधान नहीं निकला।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे से श्रमिक एकत्रित होने शुरू हो गए। श्रमिकों ने दोपहर करीब 12 बजे होजरी कॉम्प्लेक्स की सड़कों पर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद डीएससी मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास यूटर्न पर श्रमिक विरोध दर्ज कराने बैठ गए। इस बीच कुछ श्रमिकों ने पथराव किया। पुलिस बल ने उनको रोक दिया। फिर श्रमिक सड़कों पर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर मार्च निकालने लगे। इसके बाद पुलिस धीरे-धीरे श्रमिकों को फूल मंडी ले गई। यहां उद्यमी संगठनों से उनकी वार्ता हुई और समाधान का आश्वासन मिला। इसके बाद श्रमिक शांत हो गए।
प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई। पुलिस श्रमिकों को समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन वे पुलिस की बातें मानने के लिए तैयार नहीं थे। इस बीच पुलिस और श्रमिकों की कई बार झड़प और नोकझोंक भी हुई। श्रमिकों के प्रदर्शन की वजह से डीएमसी मार्ग पर जाम लग गया। ऐसे में यातायात पुलिस को यातायात को संभालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने यातायात को मुख्य सड़क की तरफ जाने के बजाए होजरी कॉम्प्लेक्स की मुख्य सड़क की तरफ मोड़ दिया।
श्रमिक नेता आरपी सिंह चौहान ने बताया कि श्रमिकों की मुख्य मांगे हैं कि आठ घंटे के लिए न्यूनतम 18 से 20 हजार रुपये वेतन मिले।इंक्रीमेंट 20 से 30 प्रतिशत किया जाए। ओवर टाइम का डबल भुगतान किया जाए। कार्य करने के लिए लक्ष्य नहीं दिया जाए। इकाई के वरिष्ठ अधिकारियों का बर्ताव बेहतर हो। महिला कर्मचारियों से रात के समय कार्य नहीं कराया जाए।
श्रमिकों के काफी हंगामे के बाद गारमेंट एक्सपोर्ट की इकाइयों के प्रबंधन ने श्रमिकों से वेतन बढ़ाने के लिए दो महीने का वक्ता मांगा। दो महीने बाद उनके वेतन बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा ओवर टाइम का डबल भुगतान करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा अन्य सुविधाएं देने का वादा किया।श्रमिकों ने हरियाणा की तर्ज पर वेतन की मांग की। हरियाणा के मानेसर में श्रमिकों को न्यूनतम वेतन का इकाइयों के प्रवेश द्वार पर बैनर लगा दिया गया है। शहर की इकाइयां श्रमिकों का वेतन बढ़ाने के लिए तैयार नहीं है। इससे श्रमिक भड़क रहे हैं। श्रमिक अजय और राहुल ने बताया कि उनकी मुख्य मांग वेतन को लेकर है। अभी वेतन को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है। जब तक वेतन को लेकर निर्णय नहीं होगा, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। नोएडा जैसे शहर में 10 से 12 हजार रुपये के वेतन में काम करना संभव नहीं है। जब तक वेतन को लेकर कोई निर्णय नहीं होगा, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से ही पूरी तरह सतर्क नजर आया। सुबह करीब आठ बजे से ही विभिन्न थानों की पुलिस मौके पर पहुंचनी शुरू हो गई थी। हालात को नियंत्रित रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। करीब एक घंटे के भीतर जिले के सात थानों के प्रभारी अपनी-अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिसबल की तैनाती के चलते पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन विभाग की टीम और एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) के कर्मी भी मौके पर मौजूद रहे और लगातार हालात पर नजर बनाए रखी। इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र भी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने मौके की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के निर्देश दिए।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी

