नारी शक्ति वंदन अधिनियम, नए युग की शुरुआत : नीति शास्त्री

WhatsApp Channel Join Now
नारी शक्ति वंदन अधिनियम, नए युग की शुरुआत : नीति शास्त्री


झांसी, 13 अप्रैल (हि.स.)। सर्किट हाउस में नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में समाजसेविका नीति शास्त्री ने इसे भारतीय लोकतंत्र का ऐतिहासिक और युगांतरकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला यह कानून केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नीति निर्माण को अधिक संवेदनशील, समावेशी और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम पहल है।

उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के लागू होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, जल और स्वच्छता जैसे विषयों को प्राथमिकता मिलेगी। पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी के सकारात्मक अनुभव अब संसद और विधानसभाओं में भी दिखाई देंगे, जिससे विकास अधिक संतुलित और जन-केंद्रित होगा।

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जनधन, उज्ज्वला, मातृ वंदना और स्वयं सहायता समूह जैसी पहलों ने महिलाओं को आर्थिक व सामाजिक रूप से मजबूत किया है।

नीति शास्त्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को “लाभार्थी” से “नीति निर्माता” बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। यह कानून विकसित भारत 2047 के संकल्प को गति देगा और देश के लोकतंत्र को और मजबूत बनाएगा।

इस अवसर पर कंचन जायसवाल, सुमन पुरोहित, प्रियंका साहू,शीतल कुशवाहा, साधना पटेल व राशि साहू सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

Share this story