वाराणसी में मात्र कलाकृति बनकर रह गई हृदय योजना के अंतर्गत बनी जनता प्याऊ की बिल्डिंग
वाराणसी, 07 मई (हि. स.)। हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड ऑग्मेंटेशन योजना (हृदय योजना) के अंतर्गत वाराणसी के रामकटोरा चौराहे पर बनाए गए जनता प्याऊ की बिल्डिंग अब मात्र कलाकृति बनकर रह गई है। जनता प्याऊ के संचालित नहीं होने के कारण इसका उपयोग पोस्टर लगाने, गर्मियों में नींद लेने, गिट्टी रखने और बैनर टांगने में हो रहा हैं।
वर्ष 2015 से 2019 तक हृदय योजना के तहत वाराणसी में कई विकास कार्य हुए थे। इस दौरान रामकटोरा चौराहे पर स्थानीय दुकानदारों और आवागमन करने वाले लोगों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था हेतु जनता प्याऊ बनाया गया था। योजना के संचालन होने तक यह प्याऊ चलता रहा और बाद में नगर निगम की देखरेख में चला गया। इसके बाद जनता प्याऊ का संचालन रुका और आज तक शुरू नहीं हुआ है।
रामकटोरा बौलिया के निवासी घनश्याम विश्वकर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रामकटोरा के स्थानीय लोगों को जनता प्याऊ मिला था तो बड़ी खुशी हुई थी। अब इसके बंद रहने से लोगों में नाराजगी रहती है। जनता प्याऊ बंद है और उसके सामने एक मटके में पानी भरकर रखा गया है। मटके को देख पाने वाले ही उससे पानी पीते है। प्याऊ के सामने मटका हास्यास्पद है।
उन्होंने कहा कि जनता प्याऊ को गर्मी के दिनों में संचालित किया जाए। इसे लाखों रुपए खर्च कर बनवाया गया था तो अभी गर्मी के दिनों में नौतपा के समय जनता प्याऊ की बेहद आवश्यकता महसूस होगी।
स्थानीय निवासी अजय कुमार ने कहा कि जब जनता प्याऊ बना था, तब भाजपा के पार्षद थे और अब समाजवादी पार्टी के पार्षद है। दोनों ही नगर निगम में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। फिर भी रामकटोरा के जनता प्याऊ को लेकर किसी की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। जनता प्याऊ के संबंध में नगर आयुक्त और महापौर स्तर पर वार्ता होने पर प्याऊ संचालन शुरू करने का रास्ता बन जाएगा।
इस संबंध में नगर आयुक्त हिमांशु ने बताया कि उनके संज्ञान में नहीं है। योजना केन्द्र सरकार की है। इसके बारे में जानकारी कर उसे सुचारू कराया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / शरद

