पत्रकारिता समाज को दिशा देने वाली चेतना : डॉ इंदीवर

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पत्रकारिता समाज को दिशा देने वाली चेतना : डॉ इंदीवर


हिंदी पत्रकारिता दिवस पर काशी पत्रकार संघ में संगोष्ठी

वाराणसी,30 मई (हि.स.)। पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाली चेतना है। वर्तमान समय डिजिटल क्रांति का युग है। इंटरनेट, सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म ने संचार और पत्रकारिता के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। हिन्दी पत्रकारिता भी इस परिवर्तन से अछूती नहीं रही। यह विचार शनिवार को काशी पत्रकार संघ की ओर से पराड़कर भवन में आयोजित डिजिटल युग में हिन्दी पत्रकारिता की चुनौतियाँ, संभावनाएँ (सोशल मीडिया, फेक न्यूज डिजिटल प्लेटफॉर्म और बदलती पाठक संस्कृति) विषयक संगोष्ठी में वक्ताओं ने व्यक्त किए।

वरिष्ठ साहित्यकार डॉ इंदीवर ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता का विस्तार अभूतपूर्व रूप से बढ़ा है और वह वैश्विक स्तर पर करोड़ों पाठकों तक पहुँच रही है। किन्तु इस तकनीकी विकास के साथ अनेक चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। सबसे बड़ी चुनौती फेक न्यूज़ और भ्रामक सूचनाओं की है। सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के खबरें तेजी से प्रसारित हो जाती हैं, जिससे समाज में भ्रम, तनाव और अविश्वास की स्थिति उत्पन्न होती है। इससे मीडिया को बचने की जरूरत है।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो.सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पत्रकारिता की मूल आत्मा सत्य, निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर आधारित होती है, लेकिन डिजिटल प्रतिस्पर्धा और त्वरित प्रसारण की होड़ में कई बार इन मूल्यों की उपेक्षा दिखाई देती है।

प्रो. श्रद्धानंद ने कहा कि पत्रकारिता में संवेदनाएँ आवश्यक हैं। पत्रकारिता कभी एक मिशन हुआ करती थी, जिसका उद्देश्य समाज में जागरूकता, न्याय और जनहित को बढ़ावा देना था। समय के साथ यह मिशन कई स्थानों पर व्यवसाय और प्रोफेशन में परिवर्तित होता दिखाई देता है।

सोच विचार पत्रिका के संपादक वरिष्ठ साहित्यकार नरेंद्र नाथ मिश्र ने कहा कि बदलती पाठक संस्कृति भी पत्रकारिता के लिए नई चुनौतियाँ और अवसर लेकर आई है। आज का पाठक त्वरित, संक्षिप्त और तथ्यपरक सामग्री चाहता है। ऐसे में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ विषय की गहराई और विश्वसनीयता पर भी ध्यान देना होगा। मीडिया को आत्ममुग्धता से बाहर निकलकर समाज के प्रति अपनी जवाबदेही को समझना होगा।

संगोष्ठी की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र ने की। अतिथियों का स्वागत महामंत्री जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, संचालन वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु उपाध्याय, धन्यवाद, कोषाध्यक्ष डॉ. जयप्रकाश श्रीवासव ने किया। इस मौके पर साहित्यकार बेनी माधव मिश्र, जिला लाइब्रेरियन कंचन सिंह परिहार, शिव कुमार पराग, शैलेन्द्र कुमार, मासूम, कापसं के पूर्व अध्यक्ष बी बी यादव,डॉ. अत्रि भारद्वाज, पूर्व महामंत्री अखिलेश मिश्र, उपाध्यक्ष सुनील शुक्ला, प्रेस क्लब के अध्यक्ष चंदन रुपानी, उपाध्यक्ष देवकुमार केशरी, कोषाध्यक्ष संदीप गुप्ता, वरिष्ठ पत्रकार कैलाश यादव, संजय मिश्र, शिवदास, अजय राय, कृष्ण बहादुर रावत, ओंकार तिवारी, रोहित चतुर्वेदी, पंकज त्रिपाठी, सुशील कुमार मिश्र, राजेन्द्र यादव, राजेश सेठ, शैलेन्द्र भारती, अरुण मालवीय आदि मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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