(अपडेट) मुख्यमंत्री योगी ने वाराणसी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई सर्वेक्षण,पीड़ितों को दी राहत सामग्री
—बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कहा-सरकार हर कदम पर आपके साथ
—बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया, बाढ़ प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद
वाराणसी, 05 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी का दौरा कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और राहत शिविर में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों का कुशलक्षेम पूछते हुए उन्हें राहत सामग्री उपलब्ध कराई और भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने वाराणसी के सलारपुर स्थित विद्याविहार इंटर कॉलेज पहुंच कर बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष भी उन्होंने इसी विद्यालय में राहत सामग्री वितरित की थी।
उन्होंने कहा वरूणा नदी में बैकफ्लो से जलजमाव की समस्या निचले क्षेत्रों में खड़ी हो जाती है। बरसात के इस समय में 40-45 जनपद प्रभावित होते थे । लेकिन पिछले साढ़े नौ वर्षों के कार्यकाल का ही देन है कि आज केवल 14 जिले ही थोड़ा बहुत प्रभावित हो रहे हैं। बच्चे मस्तिष्क ज्वर से पीड़ित होते थे, लेकिन आज ये सब पूरी तरह नियंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि आज काशी नई काशी बनते हुए नए कलेवर को संजोई है। काशी विश्वनाथ धाम, घाट, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट, सड़क चौड़ीकरण, रिंग रोड ने काशी को नई काशी की गरिमा दी है। आज आपदा राहत शिविर में बच्चों को दूध के साथ फल, अनाज, बाल्टी, मग, बिस्किट, नमक, तौलिया, तेल समेत 26 आइटम दिए जा रहे हैं। ये सभी पैसा प्रधानमंत्री के द्वारा दिया गया है। पिछली सरकारों में यही पैसा सरकारें खा जाती थीं। जिन किसानों की फसल डूबी है उनको भी मुआवजा के लिए निर्देशित किया गया है। मकान गिरने, आकाशीय बिजली, सर्पदंश सबको आपदा में शामिल करते हुए परिवार को 24 घंटे के अन्दर चार लाख रुपये वितरण की व्यवस्था कर दी गई है। बेघर को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ देने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
उन्होंने कहा कि 16 वार्ड में 567 परिवार प्रभावित हैं। 48 नावों को लगाकर सेवा ली जा रही है। चिकित्सा के लिए आयुष्मान कार्ड दिए जा रहे हैं। 1131 किसानों की फसल क्षतिग्रस्त हुई है। बाढ़ पानी नीचे जाते ही उचित छिड़काव किया जाएगा, ताकि कोई भी बीमारी पैर नहीं पसारने पाए। ये सब इसलिये संभव है कि आपने एक योग्य सांसद को चुनकर संसद भेजकर देश का प्रधानमंत्री बनाया है। संकट की घड़ी में आप अकेले नहीं है, पूरी सरकार आपके साथ हमेशा खड़ी है ये मै आप सभी को आश्वत करता हूं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी जग्गू राम मौर्य की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत शिविर का बारीकी से स्थलीय निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं को देखा । उन्होंने वहां मौजूद बच्चों को स्नेह देते हुए उनसे उनकी पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली।
इस दौरान प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बाढ़ राहत शिविर में मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। इस अवसर पर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ दयाशंकर मिश्र 'दयालु ', एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक डॉ अवधेश सिंह, विधायक त्रिभुवन राम, जिलाध्यक्ष रामशकल पटेल, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल भी मौजूद रहे।------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

